Jharkhand Weather News: झारखंड में आज बादल छाये रहेंगे. कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है. मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात मुरासु की वजह से देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक यह स्थिति अगले तीन दिन यानी 2 से 4 नवंबर तक रह सकती है.
- मौसम विभाग, रांची के प्रभारी अभिषेक आनंद के मुताबिक मुरासु तूफान का असर झारखंड में बहुत अधिक नहीं पड़ेगा. कोल्हान प्रमंडल के जिलों में बारिश हो सकती है. राज्य के शेष हिस्से में बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग के मुताबिक राजधानी मुरासु तूफ़ान का असर कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिलों जमशेदपुर, सरायकेला व चाइबासा में सबसे अधिक दिखेगा. इन जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है.
इसके अलावा राजधानी रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रामगढ़, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद बोकारो में बादल छाये रहेंगे. संथाल परगना के सभी जिलों देवघर, जामताड़ा, दुमका, साहिबगंज, गोड्डा व पाकुड़ में भी बादल छाये रहेंगे. इन जिलों में कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती हैं.
इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार की सुबह बताया कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती तूफान 'मुरासु' पिछले 6 घंटों के दौरान लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में 20 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा है.

मौसम विभाग द्वारा जारी तूफान का सैटेलाइट इमेज.
यह तूफान और अधिक तेज होकर एक 'गंभीर चक्रवाती तूफान' में बदल गया है. दो नवंबर की सुबह 2:30 बजे चेन्नई (तमिलनाडु) से लगभग 260 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, नेल्लोर (आंध्र प्रदेश) से 290 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 320 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, कावली (आंध्र प्रदेश) से 310 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, ओंगोल (आंध्र प्रदेश) से 330 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 470 किमी दक्षिण में है.
इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने और 2 नवंबर 2026 की आधी रात से 3 नवंबर 2026 की सुबह 4:00 बजे के बीच, ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच 'गंभीर चक्रवाती तूफान' के रूप में दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकती है. इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किमी प्रति घंटा होगी, जो झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.