Ranchi: झारखंड में अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सकों की कमी को दूर करने के कवायद में स्वास्थ विभाग जुट गया है. इसी कड़ी में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम अंतर्गत छह माही प्रशिक्षण की शुरूआत को लेकर पीसी एंड पीएनडीटी के राज्य समुचित प्राधिकार डॉ भुवनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया. [caption id="attachment_627695" align="aligncenter" width="1600"]
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/2-5.jpg"
alt="" width="1600" height="1200" /> ऑनलाइन बैठक में शामिल अधिकारीगण[/caption]
स्कैमः 10 घंटे पूछताछ के बाद IAS छवि रंजन को ED ने किया अरेस्ट
alt="" width="1600" height="1200" /> ऑनलाइन बैठक में शामिल अधिकारीगण[/caption]
राज्य में तीसरा कंपीटेंसी बेस्ड इवोल्यूशन एग्जाम आयोजित करने का निर्णय
बैठक में झारखंड के अधिसूचित मेडिकल कॉलेज में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम पर छह माही प्रशिक्षण को शुरू करने पर चर्चा की गई. साथ ही जल्द से जल्द राज्य में प्रशिक्षण प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया. वहीं राज्य में तीसरा कंपीटेंसी बेस्ड इवोल्यूशन एग्जाम आयोजित करने का निर्णय लिया गया. बता दें की राज्य में पूर्व में भी एग्जाम का आयोजन किया जा चुका है. पूर्व में दो परीक्षाएं आयोजित की गई हैं. पहली परीक्षा 2015 में आयोजित की गयी थी. जिसमें 86 चिकित्सक उत्तीर्ण हुए थे. वहीं 2020 में दूसरी परीक्षा आयोजित की गयी थी. जिसमें 17 चिकित्सक उत्तीर्ण हुए थे. अब जल्द ही तीसरी परीक्षा भी आयोजित की जाएगी. वैसे अधिसूचित मेडिकल कॉलेज जहां ऑब्स-गायनी एवं रेडियोलॉजी के फैकल्टी उपलब्ध हैं वहां यह प्रशिक्षण दिया जा सकता है. इसे भी पढ़ें- लैंड">https://lagatar.in/land-scam-ed-arrests-ias-chhavi-ranjan-after-10-hours-of-questioning/">लैंडस्कैमः 10 घंटे पूछताछ के बाद IAS छवि रंजन को ED ने किया अरेस्ट
Leave a Comment