Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

झारखंड को 2026-27 में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 51,236 करोड़ रुपये मिलेगा

केंद्र सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष को दौरान राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी देने के लिए कुल 15,26,254.58 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस राशि का प्रावधान 16वें वित्त आयोग द्वारा की गयी अनुशंसा के आलोक में की गयी है.
Advertisement
Advertisement
  • केंद्र ने राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी देने के लिए कुल 15,26,254.58 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.
  • आयोग की अनुशंसा के आलोक में अगले वित्तीय वर्ष में झारखंड को केंद्रीय करों में 3.304% हिस्सेदारी दी है.
  • झारखंड को अब तक किसी भी वर्ष वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में निर्धारित पूरी राशि नहीं मिली है.

Ranchi : झारखंड को अगले वित्तीय वर्ष के दौरान केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 51,236.37 करोड़ रुपये मिलेंगे. केंद्र सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के दौरान केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के लिए इस राशि का प्रावधान किया है. इससे 16 वें वित्त आयोग की अवधि में राज्य को 2.56 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है. जबकि सरकार ने 3.03 लाख करोड़ रुपये की मांग की थी. झारखंड सहित किसी भी राज्य को GST Compensation के रूप में एक भी पैसा नहीं मिलेगा.

 

केंद्र सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष को दौरान राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी देने के लिए कुल 15,26,254.58 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस राशि का प्रावधान 16वें वित्त आयोग द्वारा की गयी अनुशंसा के आलोक में की गयी है. 

 

जानकारी के मुताबिक 16वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों में राज्यों को 41% प्रतिशत हिस्सेदारी देने की अनुशंसा है. इसका अर्थ यह कि केंद्र सरकार को केंद्रीय करों के रूप में जितनी भी राशि मिलेगी उसका 59% हिस्सा केंद्र सरकार अपने पास रखेगी. शेष 41% राशि को राज्यों के बीच बांटा जायेगा. 41% राशि मे से आयोग द्वार राज्यों को उसकी आबादी, क्षेत्रफल, गरीबी, वन क्षेत्र सहित अन्य मापदंडों के आधार पर तय की गयी हिस्सेदारी के रूप में पैसा मिलता है. 

 

केंद्र सरकार ने वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में अगले वित्तीय वर्ष के दौरान झारखंड को केंद्रीय करों में 3.304% हिस्सेदारी दी है. इस हिस्सेदारी के रूप में झारखंड को अगले वित्तीय वर्ष के दौरान 51,236.37 करोड़ रुपये मिलेगा. हालांकि झारखंड को अब तक किसी भी वर्ष वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में निर्धारित पूरी राशि नहीं मिली है. राज्य सरकार ने 12वें से 15वें वित्त आयोग की बैठकों में निर्धारित राशि से कम पैसा मिलने का मामला उठाया था. हालांकि इसका कोई लाभ नहीं मिला.

 

झारखंड सरकार द्वारा GST लागू होने और उसमें किये गये संशोधन से हुए नुकसान की भरपाई की मांग उठाती रही है. आम लोगों को राहत देने के लिए GST में किये गये संशोधन की वजह से राज्य सरकार ने सालाना 1500-2000 करोड़ के नुकसान का अनुमान किया है. GST काउंसिल की बैठक में राज्य की ओर से नुकसान की भरपाई की मांग की गयी थी. हालांकि राज्य सरकार को इस मद में एक भी पैसा नहीं मिलेगा. क्योंकि केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में GST Compensation के लिए बजट में प्रावधान ही नहीं किया है.

 

उल्लेखनीय है कि झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-31) में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 3.03 लाख करोड़ रुपये देने की मांग की थी. लेकिन केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 मे किये गये बजटीय प्रावधान के हिसाब से राज्य की मांग पूरी होने की कोई उम्मीद नहीं है. केंद्र सरकार ने किसी भी वित्त आयोग की कार्यकाल में राज्य के लिए अनुशंसित पूरी राशि नहीं दी है.

 

केंद्रीय करों में से किस राज्य को कितना मिलेगा

राज्य  हिस्सा   राशि (करोड़ में)
बिहार  9.948%  1,51,831.80
छत्तीसगढ़  3.304%  50,527.45
झारखंड   3.357%   51,236.37
ओड़िशा   4.420%  67,460.46
पश्चिम बंगाल  7.215%  1,10,119.27

 

 

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही