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झारखंड का बजट: आदिम जनजाति पर फोकस

Ranchi: राज्य के आदिम जनजाति बहुल क्षेत्रों में 275 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए कुल 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है. गर्भवती महिलाओं और जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए आवश्यक सामग्रियों का 1,500 रुपये का मातृ किट 4 लाख लाभार्थियों के बीच वितरित किया जाएगा. इसके लिए आगामी वर्ष में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य सरकार ने किया है. इस किट में मच्छरदानी, जच्चा एवं बच्चा के लिए पोशाक, तेल, साबुन, बाल्टी-मग इत्यादि सामग्रियाँ शामिल होंगी. दिव्यांग कल्याणार्थ योजना के तहत 5.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है. राज्य के दिव्यांग बच्चों, परित्यक्त/निराश्रित/विधवा महिलाओं एवं वृद्धों के लिए विद्यालय, अनाथालय और आश्रम संचालन हेतु कुल 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. बालिकाओं और किशोरियों को उच्च शिक्षा की ओर आकर्षित करने, बाल विवाह और कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए संचालित `सावित्रिबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना` के तहत कक्षा 8 से 12 तक की बच्चियों को 2,500 रुपये से 5,000 रुपये और 18-19 वर्ष की किशोरियों को एकमुश्त 20,000 रुपये तथा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत युवतियों के विवाह पर एकमुश्त 30,000 रुपये आर्थिक सहायता के रूप में कुल 310 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. कामकाजी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में समुचित आराम और देखभाल के लिए 5,000 रुपये प्रति लाभार्थी के रूप में आर्थिक मदद की योजना के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कामकाजी महिलाएँ लाभान्वित होंगी. महिलाओं, बच्चों और सामाजिक सुरक्षा के लिए वर्ष 2025-26 में 22,023 करोड़ 33 लाख 85 हजार रुपये का बजट प्रस्तावित है. इसे भी पढ़ें - बजट">https://lagatar.in/budget-session-raj-sinha-said-in-the-house-i-get-a-call-everyday-in-dhanbad-give-me-one-crore-or-else-i-will-break-your-head/">बजट

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प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए 15,198 करोड़ 35 लाख 30 हजार रुपये का प्रावधान

राज्य सरकार स्कूली शिक्षा के निरंतर विकास के लिए सजग, संवेदनशील और प्रयासशील है. राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के नामांकन, ठहराव और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार लगातार योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन कर रही है. राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 से 80 उत्कृष्ट विद्यालयों और 325 प्रखंड स्तरीय लीडर स्कूलों का संचालन प्रारंभ किया है. राज्य के कुल 34,847 प्रारंभिक विद्यालयों, 1,711 माध्यमिक विद्यालयों और 1,157 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 70 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. इसके अतिरिक्त, राज्य के 803 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा हेतु लैब स्थापित किए गए हैं, जिसके माध्यम से 11 ट्रेडों में व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है, और अन्य 888 लैब की स्थापना कार्य प्रगति पर है. आने वाले वर्षों में विद्यालयों में 1,050 समेकित गणित और विज्ञान लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के तहत वर्ष 2024-25 में राज्य के 153 मध्य विद्यालयों को माध्यमिक विद्यालयों में और 292 उच्च विद्यालयों को उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में उत्क्रमित किया गया है, जिससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों के लगभग 2.5 लाख छात्र-छात्राओं को शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी. शिक्षकों के निरंतर क्षमता विकास के लिए रणनीति तैयार की गई है, जिसमें प्रत्येक शिक्षक को प्रति वर्ष 50 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा. नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर मसलिया, दुमका, खूँटपानी (चाईबासा) और बोकारो के नवाडीह में विद्यालय भवन का निर्माण कार्य जारी है. मदरसों और अल्पसंख्यकों को शिक्षा प्रदान करने की योजना राज्य में शुरू की गई है, और इसे वित्तीय वर्ष 2025-26 से राज्य योजना के तहत संचालित किया जाएगा.

उच्च शिक्षा के लिए नई पहल

राज्य सरकार उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए `झारखंड छात्र अनुसंधान और नवाचार नीति, 2025` तैयार कर रही है. झारखंड राज्य से दसवीं और बारहवीं उत्तीर्ण अनाथ और दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु ट्यूशन फीस के रूप में 10 लाख रुपये तक वार्षिक और दैनिक उपभोग, अध्ययन सामग्री इत्यादि के लिए 4,000 रुपये प्रति माह आर्थिक सहायता देने के लिए `वाल्मिकी छात्रवृत्ति योजना` 2025-26 से लागू की जाएगी. इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार जमशेदपुर, गुमला और साहेबगंज जिलों में नए राजकीय विश्वविद्यालयों की स्थापना की योजना बना रही है, और जमशेदपुर, धनबाद और दुमका में तीन नए तकनीकी विश्वविद्यालयों की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. राज्य सरकार बोकारो और गोड्डा में नवनिर्मित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में 2025-26 से पठन-पाठन कार्य प्रारंभ करेगी. इसके अलावा, रांची/खूंटी, जमशेदपुर, गुमला, साहेबगंज और गिरिडीह में अभियंत्रण महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है.

विधि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए

हजारीबाग, रांची, धनबाद, दुमका और पलामू में कुल 5 नए विधि महाविद्यालय स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है.

बजट प्रावधान

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 15,198 करोड़ 35 लाख 30 हजार रुपये तथा उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए 2,409 करोड़ 20 लाख 96 हजार रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है. इसे भी पढ़ें - कांग्रेस">https://lagatar.in/bcci-got-angry-on-the-tweet-of-congress-leader-shama-mohammed-who-had-called-rohit-sharma-a-fat-and-bad-captain/">कांग्रेस

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