कभी फॉरवर्ड तो कभी बैक फुट पर खेलने को मजबूर मिडफिल्डर और डिफेंडर की भी बदल रही भूमिका Ravi Bharti Ranchi: झारखंड के ब्यूरोक्रेट्स को फुटबॉल बना दिया गया है. कभी फॉरवर्ड से तो कभी बैकफुट से खेलने को मजबूर हैं. इससे भी काम नहीं चल रहा, तो मिडफील्डर और डिफेंडर के रूप में रहने को कहा जा रहा है. पिछले एक साल में कई सीनियर आईएएस का तीन बार तबादला हो चुका है. वहीं चार से पांच बार अतिरिक्त प्रभार की भी अदला-बदली हो चुकी है. प्रधान सचिव रैंक की अफसर वंदना दादेल का साल भर में चार बार तबादला और इतनी ही बार अतिरिक्त प्रभार भी बदला जा चुका है. इसी तरह अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर राजीव अरुण एक्का का भी साल भर में तीन बार तबादला हो चुका है. साथ ही अतिरिक्त प्रभार वाले विभाग भी बदले गए हैं. नाम- वंदना दादेल, रैंक- प्रधान सचिव
- 10 मार्च 2023 को कार्मिक विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गई
- 13 मार्च 2023 को वंदना दादेल को कार्मिक विभाग से स्थानांतरित करते हुए सीएम का प्रधान सचिव बनाया गया. साथ ही कार्मिक और गृह का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया.
- 18 जनवरी 2024 को वंदना दादेल को सीएम के प्रधान सचिव से हटाते हुए कैबिनेट सचिव बनाया गया. साथ ही महिला बाल विकास का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया.
- 12 फरवरी 2024 को कैबिनेट सचिव से स्थानांतरित करते हुए वन विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गई.
- तीन मार्च 2024 को फिर से कैबिनेट का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया.
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