Search

रांची: आदिवासी युवा महोत्सव के समापन में दिखी झारखंड की संस्कृति

Ranchi: रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में चल रहे दो दिवसीय आदिवासी युवा महोत्सव का समापन रविवार को हुआ. मुख्य अतिथि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विशिष्ट अतिथि सांसद सुखदेव भगत, आईपीएस विजय आशीष कुजूर, सरोजिनी लकड़ा, सत्यप्रकाश प्रसाद व सोनू खलखो समेत अन्य शामिल थे. महोत्सव के दूसरे दिन जनजातीय भाषाओं में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए. मानव कल्याण और इंडीजीनस वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त प्रयास से कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसके अलावा झारखंड राज्य कला संस्कृति, युवा एवं खेलकूद विभाग का सहयोग भी रहा. आदिवासी समाज की भाषा संस्कृति को आगे बढाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए. जहां झारखंड की 32 जनजाति आदिवासी समुदाय एक मंच पर दिखाई दिए. एक दूसरे के भाषा संस्कृति, खान पान, पहनावा ओढावा इत्यादि से रूबरू हुए.

अंकिता बेक की टीम ने युवा महोत्सव में युवाओं को झुमाया

आदिवासी हॉस्टल की ओर से मुंडारी, हो, उरांव, संथाली नृत्य की प्रस्तुति दी गई. खड़िया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने खड़िया नृत्य प्रस्तुत किया. आदिवासी वीर ने म्यूजिकल ड्रामा की प्रस्तुत की. अंकिता बेक की टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी. इसमें आदिवासी समुदाय के परिधान दिखे. कुड़ुख भाषा में नृत्य प्रस्तुत किए गए. इसके अलावा युवा मॉडल्स ने रैंप पर आदिवासी पहनावे को प्रस्तुत की गई. मौके पर मुख्य संस्थापक एवं संरक्षक अमरनाथ लकड़ा, अध्यक्ष बिपिन टोप्पो, कार्यकारी अध्यक्ष शशि पन्ना, महासचिव अनिल उरांव, सचिव अमित मुंडा, कमिस्नर मुंडा, संयोजक अनुपमा कुजूर, आरती कच्छप,अविनाश बाड़ा, कुणाल किशोर उरांव, अजीत लकड़ा समेत अन्य शामिल थे. इसे भी पढ़ें - योगी">https://lagatar.in/yogi-attacked-the-opposition-on-sambhal-issue-did-the-ancient-temple-and-the-statue-of-bajrang-bali-come-overnight/">योगी

ने संभल मुद्दे पर विपक्ष पर हल्ला बोला, प्राचीन मंदिर और बजरंग बली की मूर्ति रातों-रात आ गयी क्या?  
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp