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24 घंटे के अंदर विवादों में झासा चुनाव, पुरानी समिति पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप

Ranchi: झारखंड स्वास्थ्य सेवा संघ (झासा) के चुनावी परिणाम घोषित होने के 24 घंटे के भीतर ही विवादों में घिर गया है. कुछ मतदाताओं और अध्यक्ष पद के दावेदारों ने आरोप लगाया है कि निवर्तमान झासा समिति के पदाधिकारियों ने मतदान से पहले खूंटी जिले के डॉ पीपी शाह को अंदर खाने समर्थन किया और अंततः वह जीत गए.

झासा चुनाव में इनकी हुई जीत

रविवार को राज्य भर में हुए चुनाव में डॉ पीपी शाह को सबसे अधिक 519 मतों के साथ नए अध्यक्ष के रूप में चुना गया. उन्होंने साहेबगंज के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ मोहन पासवान को 359 वोट से हराया. जबकी राज्य सचिव के पद पर बोकारो के डॉ ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह 550 वोट और राज्य संयोजक के पद पर रामगढ़ के डॉ शमीम अख्तर को 657 वोट लेकर विजयी हुए है. वहीं संथाल परगना के उपाध्यक्ष के रुप में देवघर के डॉ राजीव कुमार 197 वोट लाकर चुने गए. चुनाव में कुल 983 मतदाताओं ने मतदान किया था. इसे पढ़ें- शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-22-aug-2022-jharkhand-news-updates/">शाम

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झासा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन

अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों और मतदाताओं ने आरोप लगाया कि झासा के पदाधिकारियों ने शनिवार (20 अगस्त) को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा रांची में मतदान से एक दिन पहले बुलाई गई बैठक के लिए प्रतिनिधिमंडल में शामिल करके डॉ शाह का पक्ष लिया. उनके अनुसार, यह झासा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन था.

डॉ पीपी शाह के बैठक में शामिल होने के बाद मामले ने पकड़ा तूल

मतदाताओं ने कहा कि झासा के निवर्तमान राज्य सचिव डॉ बिमलेश कुमार सिंह और राज्य समन्वयक डॉ ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह की भागीदारी पर कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन डॉ पीपी शाह प्रतिनिधिमंडल में जगह पाने के लिए पदाधिकारी नहीं थे. उन्हें स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में प्रतिनिधिमंडल में शामिल करके उन्हें बढ़ावा देने का काम किया गया है.

ठीक से नहीं हुई मतगणना

अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों में से एक जमशेदपुर के सीएस डॉ शाहिर पॉल ने कहा कि मतगणना ठीक से नहीं हुई थी. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने जितनी घोषणा की है, उससे ज्यादा वोट मिले हैं. हालांकि, जब परिणाम घोषित किया जाएगा तो मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. इसे भी पढ़ें- रांची:">https://lagatar.in/ranchi-a-pile-of-broken-chairs-in-the-civil-court-gp-office-giving-a-feast-for-the-balcony-accident/">रांची:

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा अब तक किसी ने नहीं की है लिखित शिकायत

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ लाल मांझी से सोमवार की कुछ मतदाताओं ने उम्मीदवारों पर आरोपों की बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि चुनाव से पहले बैठक में शामिल होना आचार संहिता की धारा के तहत आता है या नहीं. कहा की इसके अलावा अभी तक किसी ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं की है.

डॉ पीपी शाह के बैठक में शामिल होने को निवर्तमान सचिव ने बताया जायज

हालांकि, झासा के निवर्तमान सचिव डॉ बिमलेश कुमार सिंह ने मतदान से पहले डॉ पीपी शाह को प्रतिनिधिमंडल में शामिल करने को जायज ठहराया है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बुलाई गयी बैठक सरकारी डॉक्टरों के लिए महत्वपूर्ण थी. चूंकि डॉ पीपी शाह मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के क्रियान्वयन के लिए काम कर रहे थे, क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन की मांग और ड्यूटी के बाद डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस के मुद्दे पर बैठक में उनकी भागीदारी जरूरी थी. [wpse_comments_template]      

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