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JMM ने पूछा- स्पीकर और उनके ट्रिब्यूनल पर सवाल उठाने वाले बाबूलाल आखिर हैं कहां

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Ranchi : पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर फिर जेएमएम ने निशाना साधा है. कुछ दिन पहले तक स्पीकर रबिन्द्र नाथ महतो और उनके न्यायाधिकरण पर सवाल उठाने और आईएएस पूजा सिंघल प्रकरण पर ईडी हस्तक्षेप बाद अचानक बाबूलाल के गायब होने पर जेएमएम ने कटाक्ष किया है. पार्टी प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने पूछा कि सवाल उठाने वाले बाबूलाल मरांडी आखिर कहां हैं. इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी गायब हो गये हैं. सुप्रियो ने सूत्रों से मिली जानकारी का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेताओं और उनकी टीम का मोबाइल बंद आ रहा है. रांची">https://lagatar.in/category/jharkhand/south-chotanagpur-division/">रांची

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सोमवार को पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए सुप्रियो ने कहा कि स्पीकर पर सवाल उठाने वाले भाजपा के स्वंयभू विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी वर्तमान समय में कहां हैं. विगत दो दिनों से मनरेगा मामले में ईडी की कार्रवाई चल रही है, तब से भाजपा के दोनों नेता कहीं गुम हो गये हैं. यह बहुत चिंता की बात है. इसे भी पढ़ें-संजीवनी">https://lagatar.in/sanjeevani-buildcon-land-scam-charge-frame-on-ormanjhis-then-ci-sanjay-kumar-in-cbi-court/">संजीवनी

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उन्होंने कहा कि 2014 से 2019 तक उन्होंने अपनी पार्टी के छह विधायकों को भाजपा में शामिल कराया था. तब तो उन्होंने हर दिन दसवीं अनुसूची (दलबदल) का हवाला दिया. आज इसी दलबदल अधिनियम के तहत भाजपा नेताओं द्वारा आक्रमण किया जा रहा है. अध्यक्ष पर लगातार सवाल उठाना संवैधानिक रूप से गलत परंपरा की शुरूआत है. सुप्रियो ने कहा, बाबूलाल मारंडी ने जेवीएम सुप्रीमो रहते हुए अपने तीन विधायकों सहित हेमंत सोरेन सरकार को बिना शर्त लिखित समर्थन दिया था. यह लिखित समर्थन उन्होंने राज्यपाल के समक्ष दिया था. प्रदीप यादव ने भी यह जानकारी स्पीकर को दी थी. उसी के तहत विधानसभा में सीट आवंटित की गयी थी. अचानक बाबूलाल भाजपा में चले गये. 2020 में खबर आयी, उनके पार्टी के दो अन्य विधायकों को निर्दलीय घोषित किया गया. ऐसे में यह सवाल तो बनता है कि बाबूलाल जब भाजपा नेता हो गये तो बाकी दोनों विधायक निर्दलीय कैसे हुए. सुप्रियो ने कहा, हमारी पार्टी भी विपक्ष में रही थी. लेकिन कभी हमनें स्पीकर पर सवाल नहीं उठाया. पूर्व स्पीकर दिनेश उरांव के न्यायाधिकण में जेवीएम विधायकों का मामला पूरे कार्यकाल तक चला. हमारी पार्टी ने केवल यहीं मांग रखी थी कि मामले में जल्द फैसला दें. लेकिन आज बाबूलाल मरांडी गलत परंपरा की शुरूआत कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें-शाहीनबाग">https://lagatar.in/shaheenbagh-encroachment-case-supreme-court-refuses-to-hear-said-go-to-high-court/">शाहीनबाग

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