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JMM ने प्रथम JPSC नियुक्ति घोटाला मामले में दायर चार्जशीट पर भाजपा को घेरा

 
कहा- पहली सरकार का काला चिट्ठा सबको पता था, अब उद्भेदन भी हो गया Ranchi :  झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में हुए प्रथम जेपीएससी घोटाले में सीबीआई द्वारा पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष समेत 37 लोगों के खिलाफ चार्टशीट दाखिल करने पर झामुमो ने भाजपा पर हमला बोला है. झामुमो ने अपने एक्स हैंडल में लिखा है कि झारखंड में भाजपा की पहली ही सरकार का काला चिट्ठा सबको पता था. अब उद्भेदन भी हो गया. भाजपा बताये कि उस समय राज्य में किसकी सरकार थी. 20 साल राज कर सुनियोजित तरीके से भाजपा ने राज्य को पिछड़ा रखने का काम किया. आगे लिखा कि पिछले साढ़े चार साल से वह सत्ता से दूर हैं, इसलिए तिलमिलाये हुए हैं. भाजपा इसी षड्यंत्र में लगी हुई है कि कैसे सत्ता पायी जाये और राज्य को फिर लूटा जाये. 

पहली और दूसरी जेपीएससी की परीक्षा में धांधली का लगा था आरोप

झारखंड राज्य अलग होने के बाद जेपीएससी प्रथम और द्वितीय सिविल सेवा नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला आया था. दोनों परीक्षाओं में धांधली का भी आरोप लगा था. कहा जा रहा था कि मंत्री से लेकर विधायक, सांसद और अफसरों ने अपने रिश्तेदारों और चहेतों को इस परीक्षा में पास करवाया था. उस समय यह मामला काफी तुल पकड़ा था. इसके बाद साल 2012 में झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस मामले की जांच का आदेश दिया था. करीब 12 साल बाद अब जाकर सीबीआई ने अपनी जांच पूरी करने के बाद  सीबीआई की विशेष कोर्ट में जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप प्रसाद, सदस्य गोपाल प्रसाद, राधा गोविंद सिंह नागेश, शांति देवी, परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी के अलावे अपर समाहर्ता रैंक के अधिकारी समेत 37 के खिलाफ चार्टशीट दाखिल की है.  [wpse_comments_template]
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