alt="झामुमो नेता का आरोप" width="741" height="815" /> झामुमो नेता का आरोप[/caption] 1) माल्हन पंचायत अंतर्गत गनियारी गांव की योजना संख्या 167/21-22 सलैयाडीह में तालाब निर्माण किया गया है, जिसकी प्राक्कलित राशि 19 लाख, 61 हजार, 7 सौ रुपए है. इस योजना में 1 इंच भी जमीन निर्धारित स्थल पर नहीं खोदी गई है,परंतु विगत मार्च माह में ही इस योजना में कार्य प्रगति पर है की रिपोर्ट दिखाकर अन्य तालाबों की तरह इस तालाब में भी योजना की आधी राशि 9 लाख, 80 हजार, 8 सौ 50 रुपए की निकासी कर ली गई है. 2) माल्हन पंचायत स्थित गनियारी गांव की योजना संख्या 168/ 21- 22 ` ग्राम गनियारी तालाब निर्माण ` जिसकी प्राक्कलित राशि 19 लाख,61 हजार,7 सौ रुपए है. इस योजना का निर्माण भी गनियारी गांव में नहीं हुआ है, जबकि विगत मार्च माह में ही इस योजना की आधी राशि 9 लाख, 80 हजार, 8 सौ, 50 रुपए जिला से विमुक्त हो चुका है. इसे भी पढ़ें-बंगाल">https://lagatar.in/the-effect-of-pressure-in-the-bay-of-bengal-on-jharkhand-rain-in-many-districts-including-ranchi/">बंगाल
की खाड़ी में दबाव का झारखंड पर असर, रांची समेत कई जिलों में बारिश 3) माल्हन पंचायत स्थित गनियारी गांव के सुदूरवर्ती टोले दालचुआं में योजना संख्या 169 /21- 22 बल्कू गन्झू का तालाब निर्माण जिसकी प्राक्कलन राशि 19 लाख, 61 हजार,7 सौ रुपए है. इस तालाब का निर्माण भी इस योजना से लिए गए अन्य तालाबों की तरह 200/200 फीट आकार का बनाना था, परंतु यहां घोर अनियमितता बरतते हुए तालाब को नाले में लगभग 300/100 फीट का बनाया गया है. नाले की तरफ जिधर जमीन गहरी है उधर ज्यादा लंबाई लगभग 300 फीट और जिधर जमीन ऊंची है उधर कम लगभग 75 से 100 फीट का मेड़ बनाया गया है. इस योजना के तीन ओर फॉरेस्ट की जमीन और कोई सिंचाई क्षेत्र नहीं है. आरोप है कि इस योजना को पास करवाने के नाम पर बिचौलिए द्वारा जमीन मालिक से 26000 रुपए नकद वसूले गए हैं. यहां गांव के छोटे से दुकानदार से राशन लेकर उसका भी भुगतान जुलाई माह तक नहीं किया गया है. यहां मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया गया है. ग्रामीणों एवं जमीन मालिक द्वारा मजदूरी तथा दुकान का बकाया मांगे जाने पर बिचौलिए द्वारा कहा जाता है कि अभी भुगतान नहीं हुआ है, जबकि इस योजना में भी मार्च 2022 तक 9 लाख,80 हजार 8 सौ 50 रुपए की राशि जिले से बिमुक्त हो चुका है. यहां जुलाई माह तक महज एक-डेढ़ फीट ही मिट्टी कटी है. अन्य योजनाओं की तरह यहां भी योजना से संबंधित कोई सूचना पट्ट जुलाई 2022 माह तक नहीं लगा है. 4) माल्हन पंचायत की योजना संख्या 58/21-22 `ग्राम माल्हन में पीडब्ल्यूडी रोड केकराही से रेलवे लाइन तक पीसीसी पथ निर्माण` योजना जिसका प्राक्कलन राशि 8 लाख 87 हजार 5 सौ रुपए है. यह योजना भी अपने निर्धारित स्थल में नहीं बना है. अभिलेख (खाता,प्लॉट,रकबा,नक्शा) के अनुसार योजना का क्रियान्वयन मालहन पंचायत के केकराही टोला में होना था, परंतु इस नाम से केकराही में कोई सड़क नहीं बनी है. निर्धारित स्थल पर बिना सड़क का निर्माण किए ही 30 मार्च 2022 तक इस योजना में आधी राशि 4 लाख,43 हजार,7 सौ 50 रुपए की निकासी की जा चुकी है. 5) माल्हन पंचायत की योजना संख्या 70/21- 22 `ग्राम माल्हन में कटहल पेड़ से सफी नदी तक पीसीसी पथ निर्माण` जिसकी प्राक्कलित राशि 9 लाख,21 हजार,6 सौ रूपए है. यह सड़क भी अपने निर्धारित स्थल पर नहीं बनी है. योजना के अभिलेख (ग्राम,खाता,प्लॉट,रकबा,नक्शा)के अनुसार इस योजना को भी मालहन के केकराही में बनाया जाना था. परंतु इस गांव में कहीं भी योजना से संबंधित सड़क नहीं बनी है. इस योजना में भी मार्च 2022 तक योजना की आधी राशि 4 लाख,60 हजार,8 सौ रुपए की निकासी हो चुकी है. 6) माल्हन पंचायत में योजना संख्या 113/21-22 `ग्राम माल्हन में अफसर अंसारी का बांध निर्माण ` जिसकी प्राक्कलित राशि 9 लाख,57 हजार,3 सौ रुपए है. इस योजना में भी अत्यंत घटिया तथा आधा-अधूरा निर्माण कर राशि निकाल ली गई है. निर्माण कार्य इतना घटिया एवं निम्न स्तर का है, कि ठेकेदार द्वारा कार्य समाप्त कर लेने के बाद उक्त बांध के जमीन मालिक अफसर अंसारी अपने बांध को अपनी पत्नी एवं बेटी के साथ खुद मिट्टी मरम्मत कर रहे हैं. वे कहते हैं कि ठेकेदार एवं बिचौलिए से बहुत आरजू- मिन्नत कर कहा कि मेरे बांध को ठीक से बना दें जिससे कम से कम मेरी जमीन गई तो उसका कुछ लाभ मुझे भी मिल सके, परंतु बिचौलिए एवं ठेकेदार ने मेरी नहीं सुनी और काम बंद कर चंपत हो गये. अब बरसात के मौसम में कहीं मेरा बांध टूट ना जाए, इसलिए हमलोग दिन रात पूरे परिवार समेत खुद मिट्टी खोदकर बांध की मरम्मत कर रहे हैं. पहले भी हमलोगों से बिचौलिए एवं ठेकेदार ने मजदूरी करवाई, परंतु उसका भी भुगतान नहीं किया. अन्य योजनाओं की तरह मार्च 2022 माह तक इस योजना की आधी राशि 4 लाख,78 हजार, 6 सौ, 50 रुपए की निकासी कर ली गई है. जुलाई 2022 तक इस योजना स्थल पर भी कोई सूचना पट्ट नहीं लगाया गया है. 7) माल्हन पंचायत के केकराही गांव के योजना संख्या 165/21- 22` शिवलौंगर में तालाब निर्माण`जिसकी प्राक्कलित राशि 19 लाख,61हजार,7 सौ रुपए है. इस योजना में भी जमीन मालिक को पैसा नहीं निकलने की बात कह कर उसकी जमीन में आधा-अधूरा काम कर मार्च 2022 माह में ही 9 लाख,80 हजार,8 सौ,50 रुपए की निकासी कर ली गई है, और जमीन मालिक को उसके मजदूरी के रुपए भी नहीं दिए गए हैं. यह तालाब पूर्ण होने से पहले ही टूट रहा है. यहां भी जुलाई माह तक योजना से संबंधित कोई सूचना पट्ट नहीं लगा है. 8) माल्हन पंचायत के नावाटोला में योजना संख्या - 171/21- 22 `सुगनी देवी का तालाब निर्माण` योजना जिसकी प्राक्कलित राशि 19 लाख, 61 हजार,7 सौ रुपए है. यह योजना पहाड़ की तलहटी में खोदी जा रही है, जिससे तालाब के बीच में बड़े-बड़े चट्टान उभर आए हैं. यह योजना गांव से बिल्कुल दूर एवं निर्जन क्षेत्र में है, यहां आदमी तो क्या मवेशी भी आसानी से नहीं पहुंच सकते. यहां कोई खेत या पटवन क्षेत्र नहीं है. इस तालाब के चारों ओर पहाड़ एवं जंगल है. इस योजना में भी मार्च 2022 तक योजना की आधी राशि 9 लाख, 80 हजार, 8 सौ, 50 रुपए निकासी कर ली गई है. यहां भी अन्य योजनाओं की तरह कोई सूचना पट्ट नहीं लगा है. 9) एक ही फंड एवं कार्यकारी एजेंसी द्वारा क्रियान्वित की जा रही योजनाओं में कुछ में निविदा निकाल कर काम आवंटित किया गया है, वहीं कुछ में अपने चहेते अभियंता तथा बिचौलियों को फायदा पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर से कार्य करवाया जा रहा है. यहां 5 लाख की योजना का टेंडर किया गया है, जबकि 20 लाख की योजना विभागीय स्तर पर संचालित हो रही है. 10) आरोप है कि सभी निविदाओं में एक विशेष व्यक्ति के कहने पर सेटिंग- गेटिंग हुआ है. बिना किसी निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए सभी निविदाओं को ऑफलाइन कर मनमाने ढंग से अपने चहेता लोगों को लाभ पहुंचाया गया है. सभी निविदाओं में विभागीय अधिकारियों द्वारा काम आवंटित करने हेतु मोटी राशि वसूल की गई है. 11) नियम विरुद्ध खनन से प्रभावित स्थानों एवं गांवों में कम तथा दूसरे सुदूरवर्ती गांवों में ज्यादा योजनाएं ली गई है. डीसी से मामले की गहनता से जांच करने की मांग की गई है. उक्त योजनाओं में बरती जा रही अनियमितता, सरकारी राशि की लूट एवं बंदरबांट को रोकते हुए, निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवा कर दोषियों पर कार्रवाई एवं सरकारी राशि की भरपाई करवाने की भी मांग की है. झामुमो नेता ने यह भी कहा है. कि अगर अभियंताओं पर कार्रवाई नहीं होती है, तो मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी आवेदन दूंगा. उन्हें बताऊंगा कि हमारी पार्टी की बदनामी हो रही है. इसे भी पढ़ें- जमीन">https://lagatar.in/in-the-joy-of-returning-the-land-the-agitators-of-the-netarhat-field-firing-range-took-out-a-victory-procession/">जमीन
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