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JMM विधायक सीता सोरेन बनीं झारखंड एटक की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

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Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन की बहू और मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) की सदस्य बन गयी हैं. सीता सोरेन `एटक यूनियन झारखंड` की उपाध्यक्ष बनायी गयी हैं. रांची के सीएमपीडीआई में सोमवार को आयोजित एटक मिलन समारोह में उन्होंने मजदूर यूनियन की सदस्यता ग्रहण की. जेएमएम विधायक के एटक की सदस्यता लेने को झारखंड की राजनीति में एक बड़ी हलचल मानी जा रही है. इसे भी पढ़ें- विधायक">https://lagatar.in/mla-amba-prasad-demanded-a-high-level-inquiry-into-the-murder-of-advocate-manoj-jha/122619/">विधायक

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झारखंड में मजदूरों के हित के लिए रहेंगी प्रयासरत

यूनियन की सदस्यता ग्रहण करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीता सोरेन ने कहा कि झारखंड में मजदूरों के हित का ध्यान रखने मे वह सदा प्रयासरत रहेंगी. उन्होंने कहा कि‍ मजदूर ऐसा वर्ग है, जो अपनी मेहनत मजदूरी से देश की तरक्की में अपना योगदान देता है. सरकार को इसके सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए. एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रमेंद्र कुमार ने यूनियन में सीता सोरेन का स्वागत किया. रमेन्द्र कुमार ने कहा कि मजदूर यूनियन और राजनीतिक पार्टियां दो अलग-अलग धाराएं हैं, लेकिन सक्रिय राजनीति के सदस्य अगर यूनियन में आकर अपना सक्रिय योगदान दें तो इससे कर्मचारी और मजदूर वर्ग का भला हो सकता है. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नई श्रम नीति का विरोध किया. इसे भी पढ़ें- रिलायंस">https://lagatar.in/reliance-mart-manager-accused-of-embezzlement-of-9-lakh-30-thousand-rupees-case-registered/122620/">रिलायंस

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एटक में भरा उत्साह

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कई कानून ऐसे लाए हैं, जिससे मजदूर श्रमिक और कर्मचारी वर्ग का कभी भला नहीं हो सकता है. इसके उलट पूंजीपति का ही हित साधने की कोशिश की गई है. अगर इस पर अभी ध्यान नहीं दिया गया तो देश का आने वाला भविष्य पूरी तरह से अंधकार में चला जाएगा. आज भारत तरक्की की जो सीढ़ियां चढ़ रहा है, उसमें कर्मचारी, मजदूर वर्ग और वेतन भोगियों का बड़ा योगदान रहा है. बता दें कि सीता सोरेन जेएमएम से जामा की विधायक हैं. सीता सोरेन के एटक का दामन थामने के बाद झारखंड की मजदूर राजनीति में नयी हलचल है. वहीं एटक से जुड़े मजदूर नेताओं का कहना है कि सीता सोरेन के संगठन में शामिल होने से उन्हें नयी ऊर्जा मिलेगी. [wpse_comments_template]

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