Ranchi News: झारखंड की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है. नियुक्ति के बाद ड्यूटी पर योगदान नहीं देने और लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले 631 चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है. विभाग इन चिकित्सकों की नियुक्ति संबंधी रिकॉर्ड और अनुपस्थिति के मामलों की समीक्षा कर रहा है. जांच के बाद नियमों के तहत उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है.
चिह्नित चिकित्सकों की नियुक्ति अलग-अलग वर्षों में हुई थी. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सरकारी पदों पर नियुक्ति के बावजूद चिकित्सकों के कार्यभार नहीं संभालने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ता है. ऐसे पद लंबे समय तक खाली रहने से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता की समस्या भी बनी रहती है.
नियुक्ति के बाद 308 डॉक्टरों ने नहीं दिया योगदान
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2009 में नियुक्त 308 डॉक्टरों को अनुपस्थिति या योगदान नहीं देने के मामलों में चिह्नित किया गया है. इसके अलावा वर्ष 2015 के 124, वर्ष 2012 के 65, वर्ष 2013 के 38, वर्ष 2020 के 37 और वर्ष 2021 के 17 चिकित्सक सूची में शामिल हैं.
अन्य मामलों में वर्ष 1990 के 16, वर्ष 2023 के 16, वर्ष 2000 के सात, वर्ष 1997 के दो और वर्ष 1988 के एक डॉक्टर का उल्लेख है. इन आंकड़ों में नियुक्ति वर्ष के आधार पर चिकित्सकों का वर्गीकरण किया गया है. हालांकि, कार्रवाई से पहले प्रत्येक मामले की स्थिति और संबंधित अभिलेखों का सत्यापन महत्वपूर्ण होगा.
143 डॉक्टरों की सेवा हो चुकी है समाप्त
स्वास्थ्य विभाग वर्ष 2025 में भी इस तरह की कार्रवाई कर चुका है. उस दौरान झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से नियुक्त 86 मेडिकल ऑफिसर और 57 विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं समाप्त की गई थीं. विभाग के अनुसार, इन चिकित्सकों ने नियुक्ति के बाद योगदान नहीं दिया था.
खाली पदों पर नियुक्ति की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग का अगला लक्ष्य रिक्त पदों पर नई नियुक्तियों का रास्ता साफ करना है. इसके लिए जेपीएससी के माध्यम से चिकित्सकों की बहाली की दिशा में कदम उठाए जाने की बात कही गई है. इससे सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने तथा मरीजों को नियमित इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है.
नियमों के तहत होगी कार्रवाई : इरफान अंसारी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. नियुक्ति के बाद योगदान नहीं देना या बिना उचित कारण ड्यूटी से अनुपस्थित रहना गंभीर मामला है. ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि रिक्त पदों पर नई नियुक्तियों की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे, ताकि लोगों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े.
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