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19 मंत्रालयों के गैर जरूरी अधिनियमों में संशोधन के लिए बनी संयुक्त समिति, सांसद संजय सेठ को म‍िली जगह

 
New Delhi : नियम-कानून और अधिनियम आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए बनाये गये हैं, लेकिन कई सरकारी विभागों में गैर जरूरी अधिनियम शामिल हो गये हैं, जिसका अनुपालन बोझ की तरह हो गया है. 19 मंत्रालयों के ऐसे ही 42 अधिनियमों में संशोधन के लिए संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया गया है. इस समिति का नाम जन विश्वास बिल 2022 रखा गया है. संयुक्त समिति में 30 सांसद शामिल किये गये हैं, जिसमें 21 लोकसभा और 9 राज्यसभा के सद्स्य हैं. झारखंड से रांची के सांसद संजय सेठ को समिति में जगह मिली है. इसके अध्यक्ष सांसद पीपी चौधरी होंगे. इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है.

इन मंत्रालयों के 42 अधिनियमों में संशोधन का विचार

जिन मंत्रालयों और विभागों की 42 अधिनियमों में संशोधन किया जाना है उनमें कृषि और किसान कल्याण, वाणिज्य विभाग, उपभोक्ता कार्य विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, डाक विभाग, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, रेल मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, राजस्व विभाग, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय शामिल है.

आपराधिकता के प्रावधानों को कम किया जाएगा

समिति संशोधन विधेयक में आपराधिक प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाने में तेजी लाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि व्यवसायी, नागरिक और सरकारी विभाग सामान्य चूकों के लिए सजा के डर के बिना बेहतर काम कर सकें. साथ ही यह समिति इन मंत्रालयों को यह भी सुझाव देने का काम करेगी कि छोटी-छोटी प्रक्रियागत कमियों और छोटी चीजों के लिए आपराधिकता के प्रावधानों को कम किया जाए. इसके विकल्प तैयार किए जाएं, ताकि इन क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों को बेहतर सुविधाएं और संसाधन मिल सके. इस विधेयक के जरिए विभिन्न प्रकार की सजा, जुर्माने में सुधार करने की गुंजाइश भी तलाशी जाएगी, ताकि बाधा रहित कार्य सुगम तरीके से हो सके. इसे भी पढ़ें : फ्लाइट">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=520342&action=edit">फ्लाइट

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