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मजूमदार ने दी थी धमकी
इसके साथ ही रिद्धिमान साहा ने कुछ मैसेज की स्क्रीनशॉट कॉपी भी भेजी थी. इन स्क्रीनशॉट्स को इस तरह पढ़ा जा सकता था- "तुमने कॉल नहीं किया. अब मैं कभी भी तुम्हारा इंटरव्यू नहीं लूंगा. मैं अपनी बेज्जती को जल्दी भूलता नहीं हूं. और मैं इस बात को याद रखूंगा." मामले की जांच के लिए बीसीसीआई ने एक कमेटी का गठन किया था जिसमें बीसीसीआई वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला, बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और अपैक्स काउंसिल के सदस्य प्रभतेज भाटिया थे.इन बिंदुओं पर मजूमदार का बैन काम करेगा
- मजूमदार को भारत में किसी भी मैच (घरेलू या अंतरराष्ट्रीय) में प्रेस के सदस्य के रूप में मान्यता प्राप्त करने से प्रतिबंधित किया जाएगा
- भारत में रजिस्टर्ड खिलाड़ियों के साथ किसी भी तरह का साक्षात्कार लेने पर प्रतिबंध किया जाएगा और
- किसी भी बीसीसीआई या उसके मेंबर एसोसिएशन के स्वामित्व वाली क्रिकेट फेसिलिटी में पहुंच पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
- एपेक्स काउंसिल ने जांच पैनल की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है.
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