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वे रंगकर्म और साहित्य के लिए पागल ही थे- डॉ कमल बोस
अशोक पागल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए पत्रकार कला मंच की उपाध्यक्ष और रंगकर्मी संतोष मृदुला ने कहा कि वे एक राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकार थे. उनके सान्निध्य में काफी कुछ सीखने को मिला. देशप्रिय क्लब के अध्यक्ष और रंगकर्मी डॉ कमल बोस ने कहा कि उन्होंने अपने नाम के साथ पागल जोड़ा था और अशोक साहू से अशोक पागल बन गए, जो बिल्कुल सार्थक था. क्योंकि वे रंगकर्म और साहित्य के लिए पागल ही थे और उनका ये जुनून अंतिम समय तक रहा. उनके भाई उदय साहू ने कहा कि उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती. वे उनके पिता समान थे.वे एक अच्छे बॉक्सर भी थे- सत्यप्रकाश
पत्रकार सत्यप्रकाश पाठक ने कहा कि बहुत कम लोगों को पता है कि वे एक अच्छे बॉक्सर भी थे. पत्रकार कला मंच के संरक्षक निलय सिंह ने कहा कि पत्रकार कला मंच के पहले मंचन अंधेर नगरी, जो कि एक मई को हुआ था, उसमें वे अस्वस्थता के बावजूद उपस्थित थे, जो मंच के लिए एक गर्व की बात रही. बता दें कि ये उनके जीवन का अंतिम कार्यक्रम भी साबित हुआ.28 अगस्त को अशोक पागल के नाटक का मंचन होगा
वहीं मंच के सचिव संदीप नाग ने कहा कि आगामी 28 अगस्त को पत्रकार कला मंच अशोक पागल के एक नाटक का मंचन करेगी जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. श्रद्धांजलि सभा में देशप्रिय क्लब के सचिव असीम सरकार, पत्रकार कला मंच के अध्यक्ष अमित दास , कोषाध्यक्ष एएसआरपी मुकेश, पिंटू दूबे ,संजय सिंह, विनय मुर्मू, उद्यम प्रभात, सोनम गुप्ता, अंजनी कुमार , मोईजुद्दीन समेत कई पत्रकार और कलाकार मौजूद रहे. इसे भी पढ़ें -NCHRSJ">https://lagatar.in/nchrsj-district-youth-president-wrote-a-letter-to-the-union-transport-minister-demanding-to-complete-the-flyover/">NCHRSJजिला अध्यक्ष ने केंद्रीय परिवहन मंत्री को लिखा पत्र, फ्लाई ओवर पूरा करने की मांग [wpse_comments_template]

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