Hazaribag : लोकनायक जयप्रकाश नारायण राजपथ की नहीं, बल्कि जनपद के नायक थे, जिन्होंने तानाशाही व्यवस्था के खिलाफ बिगुल फूंक कर लोकतंत्र को संरक्षित करने में कामयाबी हासिल की थी. यह बात विनोबाभावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के प्रॉक्टर डॉ मिथिलेश ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर कही. गांधी विनोबा जयप्रकाश चिंतन केंद्र में आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज जीवन में विसंगतियां बढ़ती जा रही हैं. उपभोक्तावादी संस्कृति घर-घर में घर कर गई है. ऐसी स्थिति में लोकनायक के संपूर्ण क्रांति संबंधी विचारधारा ही सामाजिक समरसता स्थापित करने में सक्षम हो सकती है. इसे भी पढ़ें–सिलोदर">https://lagatar.in/two-villagers-including-bikes-washed-away-in-silodar-river-one-survived-while-the-body-of-the-other-was-found/">सिलोदर
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समाज में असहिष्णुता हावी- डॉ. मिथिलेश
डॉ मिथिलेश ने कहा कि आज समाज में असहिष्णुता हावी होते जा रहा है और अविश्वास का माहौल है. इससे निजात पाने के लिए जेपी की जीवन प्रक्रिया को अंगीकृत करने की आवश्यकता है. सिर्फ सुख-सुविधा ही जुटा लेना जीवन का लक्ष्य नहीं होना चाहिए. राजनीति विज्ञान विभाग के सेमेस्टर वन और थ्री के विद्यार्थियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि भावी इतिहास तुम्हारा है. इसे भी पढ़ें–जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-conch-blowing-competition-organized-in-swadeshi-mela-dozens-of-participants-took-part/">जमशेदपुर: स्वदेशी मेला में शंख बजाओ प्रतियोगिता का आयोजन, दर्जनों प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
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