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वक्फ संशोधन बिल को लेकर जेपीसी का कार्यकाल बढ़ेगा...निशिकांत दुबे ने रखा प्रस्ताव

NewDelhi : वक्फ संशोधन बिल को लेकर बड़ी खबर आयी है. अब यह बिल  अगले साल 2025 के बजट सेशन में पेश किये जाने की संभावना है. ऐसा इसलिए कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सदस्य भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने खुद संयुक्त संसदीय समिति का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. हालांकि पहले इस बिल को मौजूदा शीतकालीन सत्र में लाया जाना था, लेकिन संयुक्त संसदीय समिति की बैठकों में लगातार बढ़ते जा रहे विवादों के कारण इसे टाले जाने की बात कही जा रही है.

जगदंबिका पाल  प्रस्ताव को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास भेजेंगे

निशिकांत दुबे का कहना है कि समिति को चाहिए कि वह अपनी रिपोर्ट संसद के बजट सत्र में सौंपे. सूत्रों के अनुसार जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल इस प्रस्ताव को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास भेजेंगे. जान लें कि विपक्षी नेता खासकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी जेपीसी की कार्यशैली और बिल के कुछ प्रावधानों से इत्तेफाक नहीं रखते. याद रखें कि वक्फ बिल की समीक्षा के लिए गठित जेपीसी की हर बैठक में हंगामा और तीखी बहस जारी रही. भाजपा और विपक्षी दलों के सदस्यों के बीच हर बार बहस और आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे. एक बैठक में बोतल फेंकने तक की घटना की खबर मिली. जानकारों के कहना है कि इन विवादों के कारण जेपीसी के कई महत्वपूर्ण काम प्रभावित हुए हैं.

2013 में यूपीए की सरकार में वक्फ बोर्ड की शक्तियों में इजाफा कर दिया था

मामले की तह में जायें तो 2013 में यूपीए की सरकार ने वक्फ बोर्ड की शक्तियों में भारी इजाफा कर दिया था. बता दें कि आम मुस्लिम, गरीब मुस्लिम महिलाएं, तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के बच्चे, शिया और बोहरा जैसे समुदाय के लोग लंबे अरसे से कानून(वक्फ) में बदलाव की मांग कर रहे हैं. इन लोगों के अनुसार वक्फ में वर्तमान में आम मुसलमान शामिल नहीं हैं. वक्फ बोर्ड में सिर्फ शक्तिशाली लोगों का जमावड़ा है. वक्फ में कितना रेवन्यू आता है, इसका कोई आकलन नहीं होता. रेवेन्यू को रिकॉर्ड पर आना चाहिए. देश में इस समय 30 वक्फ बोर्ड हैं. जानकारी के अनुसार सभी वक्फ संपत्तियों से हर साल 200 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है.  

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