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हाईकोर्ट आने वाले JPSC अभ्यर्थियों को एक अलग लिंक से ऑनलाईन फॉर्म भरने की इजाजत देने का आदेश

झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी के उन अभ्यर्थियों को राहत दी है, जिन्होंने याचिका दाखिल किया था. कोर्ट ने याचिका करने वाले अभ्यर्थियों को अलग से उपलब्ध लिंक पर ऑनलाइन फॉर्म भरने की इजाजत दे दी है.
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  • वर्ष 2025 सिविल सेवा परीक्षा में 264 प्रार्थियों को उम्र सीमा छूट संबंधी मामले में हाई कोर्ट से मिली अंतरिम राहत .

Ranchi :  झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025 में प्रार्थियों को उम्र सीमा में छूट देने संबंधी मामले में झारखंड हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है. हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति आनंदा सेन की कोर्ट ने प्रार्थियों को राहत देते हुए उक्त जेपीएससी की ओर उक्त सिविल सेवा परीक्षा में आज परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति दी है. हाई कोर्ट से फॉर्म भरने के लिए अनुमति प्राप्त अभ्यर्थियों के लिए जेपीएससी ने एक लिंक बनाया है, जिसमें प्रार्थी आज अपना आवेदन भर सकेंगे. मामले में संगीता कुमारी एवं अन्य और दीपक कुमार एवं अन्य सहित 272  प्रार्थियों की ओर से याचिका दाखिल की गई है.

 

कोर्ट ने कहा है की प्रार्थी आज अलग से उपलब्ध लिंक पर ऑनलाइन फॉर्म भरेंगे, जेपीएससी उसे स्वीकार करें. मामले में प्रार्थियों ने उम्र सीमा का छूट देने का आग्रह करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. सुनवाई के दौरान पार्टी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट को बताया कि पिछले सिविल सेवा परीक्षाओं में अभ्यार्थियों को अधिकतम उम्र सीमा में छूट मिली है, यह उम्र सीमा वर्ष 2017 थी. लेकिन आगामी सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा 1.8.2026 निर्धारित की गई है.

 

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जेपीएससी की नियमावली है कि हर साल सिविल सेवा परीक्षा ली जाए और उम्र सीमा में छूट देने का भी प्रावधान है. पिछले दो परीक्षाओं में इसका लाभ परीक्षार्थियों को मिला है इसलिए इस परीक्षा में भी परीक्षार्थियों को अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जानी चाहिए. बता दे की वर्ष 2025  सिविल सेवा परीक्षा में फॉर्म भरने की अंतिम तिथि जेपीएससी ने शनिवार निर्धारित की है. प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, अधिवक्ता चंचल जैन, अधिवक्ता शुभम मिश्रा व अधिवक्ता कुमार हर्ष और अधिवक्ता राजेश कुमार ने भी पक्ष रखा.

 

मामले में राज्य सरकार और जेपीएससी को जवाब दायर करने का निर्देश कोर्ट ने दिया. अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगी. अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में कहा है कि इन अभ्यर्थियों का रिजल्ट अदालत की अनुमति के बिना प्रकाशित नहीं की जाएगी.

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