- ICN India समेत कई कंपनियों से जुड़ा नाम
- बिहार से दिल्ली, महाराष्ट्र, बंगाल और कोलकाता तक कनेक्शन खंगाल रही जांच एजेंसी
Ranchi News : जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID अब अभय तिवारी के गुरु मिथिलेश सिंह के कारोबारी नेटवर्क की पड़ताल कर रही है. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मिथिलेश सिंह की अलग-अलग कंपनियों, कारोबार और परीक्षा से जुड़े लोगों के बीच क्या कनेक्शन रहा है.
जांच के दौरान आईसीएन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड समेत कई कंपनियों के नाम सामने आए हैं. इसके अलावा DA Urban Nomads Community Private Limited, Piggy Ventures Private Limited, Hackpackt Homtels Private Limited और DooperSuper Ecosystem Seeds Private Limited जैसी कंपनियों से उसके कथित कारोबारी संबंधों की भी जानकारी जुटाई जा रही है.
बिहार से कई राज्यों तक कनेक्शन की पड़ताल
सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी को मिथिलेश सिंह के बिहार में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कारोबार और पटना के बिहटा इलाके में B.Ed कॉलेज से संबंध की जानकारी मिली है. इसके अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कोलकाता में उसके कथित कारोबारी संपर्कों और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी जांच के दायरे में है.
जांच का दायरा अब झारखंड तक सीमित नहीं है. CID की अलग-अलग टीमें बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कोलकाता समेत कई राज्यों में जाकर जांच और छापेमारी कर रही है. टीमों की कोशिश यह पता लगाने की है कि मिथिलेश सिंह और उससे जुड़े लोगों का कारोबारी नेटवर्क कितना बड़ा है और इस नेटवर्क का JPSC-JSSC की कथित गड़बड़ी से कहीं कोई संबंध तो नहीं है.
कंपनियों से लेकर पैसों के लेनदेन तक नजर
CID यह भी पता कर रही है कि अलग-अलग कंपनियों के जरिए होने वाले कारोबार और JPSC-JSSC परीक्षा से जुड़े कथित लेनदेन के बीच कोई आर्थिक कनेक्शन है या नहीं. जांच एजेंसी कंपनियों के दस्तावेज, बैंकिंग लेनदेन, कारोबारी गतिविधियों और संबंधित लोगों के आपसी संपर्कों की जानकारी जुटा रही है.
‘गुरु-शिष्य’ कनेक्शन भी जांच के घेरे में
जांच एजेंसी अभय तिवारी और मिथिलेश सिंह के बीच कथित नजदीकी को भी खंगाला रही है. मिथिलेश को अभय का ‘गुरु’ बताए जाने के दावे की भी अलग-अलग साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है. CID यह पता लगाने में जुटी है कि क्या अभय तिवारी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था और क्या मिथिलेश सिंह उस नेटवर्क की अहम कड़ी है.
अब जांच एजेंसी की नजर सिर्फ परीक्षा में कथित गड़बड़ी तक नहीं, बल्कि उससे जुड़े कारोबार, कंपनियों, संपत्तियों, पैसों के लेनदेन और अलग-अलग राज्यों में मौजूद संपर्कों तक पहुंच गई है. अलग-अलग राज्यों में चल रही पड़ताल से आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है.
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