Ranchi News: रांची में आंदोलनरत छात्रों की मांगों को लेकर सरकार ने फिर वार्ता के लिए छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाया है. इनमें छात्रों के साथ कानूनी सलाहकार के रूप में अधिवक्ता शुभाशीष रशिक सोरेन भी शामिल हैं, जो JSSC से जुड़े मामले में छात्रों की ओर से पैरवी कर चुके हैं.
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छात्रों को सरकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों के मुद्दों को लेकर संवेदनशील हैं. मुख्यमंत्री की ओर से आए सकारात्मक बयान के बाद छात्रों को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए आज उनकी मांगों का समाधान निकलेगा और उन्हें न्याय मिलेगा.
अभ्यर्थी न्याय मंच की तरफ से जाने वालों के नाम -
1. चंदन कुमार
2. दीनबंधु मंडल
3. रवि शंकर कुमार
4. प्रेम कुमार
5. रामवतार महतो
6. अख्तर अली खान
7. अधिवक्ता शुभाशीष रशिक सोरेन
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसी भी राज्य या देश के विकास में युवाओं का हित सर्वोपरि होना चाहिए. उन्हें विश्वास है कि सरकार युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए छात्रों की मांगों पर सकारात्मक फैसला लेगी.
पिछले प्रदर्शनों के दौरान मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर राजेश प्रसाद ने स्पष्ट किया कि छात्रों का उद्देश्य मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगना नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री छात्रों की मांगों को लेकर संवेदनशील हैं, तो इस्तीफे की बात महज राजनीतिक बयानबाजी है और छात्र इसके पक्ष में नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है और छात्र अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से उम्मीद कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य अपनी मांगों का समाधान और न्याय प्राप्त करना है, न कि राजनीतिक टकराव.
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