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JPSC-JSSC आंदोलन : नेताओं के मंच पर चढ़ते ही भड़के छात्र, मंच छोड़ बारिश में बैठे

Ranchi : जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का सत्याग्रह विवादों में घिर गया. आंदोलन के सातवें दिन कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के मंच पर चढ़कर भाषण देने की कोशिश के बाद छात्रों ने इसका कड़ा विरोध किया. विरोध के दौरान धक्का-मुक्की और हंगामे जैसी स्थिति बन गई, जिसके बाद सभी छात्र मंच छोड़कर भारी बारिश के बीच खुले मैदान में धरने पर बैठ गए.
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Ranchi : जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का सत्याग्रह विवादों में घिर गया. आंदोलन के सातवें दिन कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के मंच पर चढ़कर भाषण देने की कोशिश के बाद छात्रों ने इसका कड़ा विरोध किया. विरोध के दौरान धक्का-मुक्की और हंगामे जैसी स्थिति बन गई, जिसके बाद सभी छात्र मंच छोड़कर भारी बारिश के बीच खुले मैदान में धरने पर बैठ गए.


छात्रों ने साफ कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और किसी भी राजनीतिक दल को मंच का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा. उन्होंने घोषणा की कि जब तक राजनीतिक लोग मंच से नहीं हटेंगे, तब तक वे मंच पर वापस नहीं जाएंगे.


छात्रों ने इस घटना को छात्रों के बीच का विवाद नहीं बताया बल्कि उनका कहना है कि छात्र एकजुट हैं और जो भी झड़प हुई, वह राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के कारण हुई.


आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ है. वे नहीं चाहते कि आंदोलन किसी राजनीतिक दल के एजेंडे का हिस्सा बने. छात्रों ने कहा कि चाहे JMM, BJP, JLKM या कोई अन्य दल हो, किसी को भी आंदोलन का राजनीतिक लाभ नहीं उठाने दिया जाएगा.


छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC, JSSC और सिपाही भर्ती समेत सभी परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने, भर्ती प्रक्रिया से भ्रष्टाचार खत्म करने और मुख्यमंत्री से स्वयं आकर चार सूत्री मांगों पर बातचीत करने की मांग शामिल है.


छात्रों ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व और कथित राजनीतिक लोग जानबूझकर शांतिपूर्ण आंदोलन का माहौल बिगाड़ने और उसका श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं.


मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों और समर्थकों ने बताया कि छात्र पिछले कई दिनों से सीमित संसाधनों में शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं. उनका कहना है कि यदि कोई राजनीतिक दल नैतिक समर्थन देना चाहता है तो उसका स्वागत है, लेकिन आंदोलन के मंच और नियमों का सम्मान करना होगा.


छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि आंदोलन में व्यवधान डालने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. आंदोलनकारी छात्रों ने दोहराया कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी रखेंगे, लेकिन अपने संघर्ष का राजनीतिकरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे.

 

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