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हर बल्ला कुछ कहता है
बल्ले को देखकर आप समझ सकते हैं कि हरेक बल्ला बहुत कुछ कहता है. इस पर खेलने वाली टीमों के खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षक के हस्ताक्षर हैं. जैसे ही इन बल्लों पर मेरी नजर पड़ी मेरे मन में कई बातें एक साथ कौंधने लगी. आखिर किसने शुरू की होगी यह परंपरा ? इतिहास को संजोने का यह तरीका किसके मन में आया होगा ? मैं उन सवालों में उलझे बिना बल्लों पर खिलाड़ियों के नाम और उनके हस्ताक्षरों को पढ़ने लगा. बिना किसी से पूछे इन बल्लों को देख कर ही आप आसानी से समझ सकते हैं कि इस स्टेडियम में किन-किन टीमों ने कब मैच खेला और उनके खिलाड़ी कौन-कौन थे.alt="" width="600" height="700" />
सबसे खास बल्ला साल 2013 का
मेरी नजर में इनमें सबसे खास बल्ला साल 2013 का था. इसे देखते ही मेरी आंखों में वह दृश्य घूमने गया, जब पहली बार इस स्टेडियम में वनडे क्रिकेट का आयोजन हुआ था. उस समय वह भीड़, उत्साह और क्रिकेट का दीवानापन किस कदर चरम पर था. टिकट के लिये कितनी लंबी लाइन लगी थीं. मैच वाले दिन तो हद हो गयी थी. सुबह से ही खेलप्रेमियों का हुजूम उमड़ पड़ा था. इसे भी पढ़ें–बोकारो:">https://lagatar.in/bokaro-fake-policeman-arrested-identity-card-including-uniform-recovered/">बोकारो:फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, वर्दी समेत परिचय पत्र बरामद
19 जनवरी 2013 स्टेडियम के लिये खास
19 जनवरी 2013 का दिन इस स्टेडियम के लिये खास है. स्टेडियम में पहला मैच खेला गया. पहली ही मैच में भारत ने जीत दर्ज की थी. भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने इंग्लैंड को हराकर क्रिकेटप्रेमियों को खुश कर दिया था. उस मैच में इंग्लैंड के इयान बेल, केविन पीटरसन, इयोन मोर्गन, जो रूट, स्टीवन फिन जैसे कई नामी खिलाड़ी खेल रहे थे. टीम इंडिया में महेंद्र सिंह धौनी के साथ गौतम गंभीर, युवराज सिंह, सुरेश रैना, रविन्द्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, इशांत शर्मा जैसे खिलाडियों ने मैच में हिस्सा लिया था.alt="" width="600" height="400" />

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