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झारखंड में आजीविका को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

 
Ranchi :  झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) ने रांची के रिट्रीट कॉन्टिनेंटल, विष्णु गली, मेन रोड में तीन दिवसीय (19 से 21 मार्च) तक राष्ट्रीय  कार्यशाला (वर्कशॉप) का आयोजन किया. इसका मुख्य उद्देश्य झारखंड में आजीविका के क्षेत्र में सफल मॉडलों को प्रदर्शित करना और पूरे देश में दोहराए जा सकने वाले आजीविका मॉडल को अपनाने पर विचार-विमर्श करना था.

वर्क शॉप में विशेषज्ञों ने अपने-अपने क्षेत्र के अनुभव किये साझा 

वर्कशॉप का उद्घाटन JSLPS की सीईओ और आईएएस अधिकारी कंचन सिंह ने किया. इस कार्यक्रम में JSLPS के सीओओ बिष्णु सी. परीदा और दीपक उपाध्याय (SPM M&E) ने वर्कशॉप के उद्देश्यों और अपेक्षित परिणामों पर प्रकाश डाला. इसके बाद अन्य विशेषज्ञों ने भी अपने-अपने क्षेत्र के अनुभव साझा किये. SPM फार्म प्रवीण कुमार सिंह और SPM SMIB पूर्णिमा मुखर्जी ने JSLPS द्वारा किये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी. JSLPS के अनुसार, इस कार्यशाला के निष्कर्षों को JSLPS आगामी महीनों में झारखंड में लागू किया जाएगा. जिन मॉडलों को अन्य राज्यों में सफलता मिली है, उन्हें झारखंड के ग्रामीण इलाकों में भी अपनाने की योजना बनायी गयी है.

वर्कशॉप का पहला दिन  (19 मार्च ) : 

  1. - मुख्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया
  2. - JSLPS के विभिन्न प्रमुखों ने परिचयात्मक भाषण दिया गया.
  3. - NABARD, ICAR, टाटा ट्रस्ट, ग्रांट थॉर्नटन, बुद्धा इंस्टिट्यूट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं ने सतत कृषि, मशरूम उत्पादन, बांस उद्योग, और ग्रामीण विकास के विभिन्न क्षेत्रों पर अपने अनुभव साझा किये.
  4. - शाम को फार्म और नॉन-फार्म इंटरवेंशन मॉडल्स पर विस्तृत चर्चा हुई.

दूसरा दिन (20 मार्च) :

  • पहले दिन की गतिविधियों की समीक्षा की गयी. 
  • इसके बाद नॉन-फार्म, वित्तीय समावेशन (FI) और कौशल विकास (Skill Development) पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे.
  • GiZ, Wassan, Semina Agro, Organic Affair, Dynamic Tarang, PRADAN जैसी संस्थाओं ने अपने इनोवेटिव आजीविका मॉडल प्रस्तुत किये.
  • डिजिटल प्लेटफार्म और आईटी समाधान जैसे कि रूरल चैटबॉट्स और TVM मॉडल पर विशेष चर्चा हुई.

तीसरा दिन (21 मार्च) :

  1. - वर्कशॉप में मौजूद समूहों (ग्रुप) ने खेत और गैर-खेत आधारित आजीविका रणनीतियों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की रूपरेखा तैयार की.
  2. - JSLPS के डोमेन विशेषज्ञों और FPC/SHG प्रतिनिधियों ने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की.
  3. - JSLPS की सीईओ कंचन सिंह ने रोडमैप को अंतिम रूप देते हुए कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए सभी को धन्यवाद दिया.
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