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JSMDC ने पहले सुगिया कोल ब्लॉक सरेंडर करने का प्रस्ताव भेजा, फिर मिली बोर्ड से सहमति

Ranchi: झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) ने बोर्ड की सहमति के बिना ही सुगिया कोल ब्लॉक को सरेंडर करने का प्रस्ताव भेज दिया है. इस कोल ब्लॉक से उत्पादन शुरू नहीं होने की वजह से केंद्र सरकार ने 16.05 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त कर ली है. लेकिन महाप्रबंधक माइंस को प्रति माह 1.50 लाख रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है. इससे पहले बादम कोल ब्लॉक का भी 52.86 करोड़ रुपये जब्त किया जा चुका है. आर्थिक संकट का सामना कर रहे राज्य के लिए यह गंभीर चिंता का विषय है.
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  • उत्पादन शुरू नहीं होने की वजह से केंद्र सरकार ने 16.05 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त.
  • इससे पहले बादम कोल ब्लॉक का भी 52.86 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त हो चुका है.

Ranchi: झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) ने बोर्ड की सहमति के बिना ही सुगिया कोल ब्लॉक को सरेंडर करने का प्रस्ताव भेज दिया है. हालांकि प्रस्ताव के बाद हुई बोर्ड की बैठक में इस पर सहमति मिल गई है.  इस कोल ब्लॉक से उत्पादन शुरू नहीं होने की वजह से केंद्र सरकार ने 16.05 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त कर ली है. लेकिन महाप्रबंधक माइंस को प्रति माह 1.50 लाख रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है. इससे पहले बादम कोल ब्लॉक का भी 52.86 करोड़ रुपये जब्त किया जा चुका है. आर्थिक संकट का सामना कर रहे राज्य के लिए यह गंभीर चिंता का विषय है.

 

JSMDC को वर्ष 2019 में सुगिया कोल ब्लॉक आवंटित किया गया था. नियमानुसार कोल ब्लॉक आवंटन के बाद उसे 32 से 42 महीने के अंदर ऑपरेशनल करना पड़ता है. इस निर्धारित समय सीमा में कोल ब्लॉक के ऑपरेशनल नहीं होने पर केंद्र सरकार जमानती राशि जब्त कर लेती है.

 

JSMDC ने कोल ब्लॉक आवंटन के बाद निर्धारित समय सीमा के अंदर कोल ब्लॉक को ऑपरेशनल नहीं किया. इस वजह से केंद्र सरकार ने JSMDC द्वारा बैंक गारंटी के रूप में दी गयी जमानती राशि 16.05 करोड़ रुपये जब्त कर लिया. 

 

सुगिया कोल ब्लॉक को चलाने के लिए ब्रज भूषण प्रसाद सिंह को GM Mines को पद पर नियुक्त किया गया है. उन्हें 1.50 लाख रुपये मासिक वेतन के पर नियुक्त किया गया है. वह ECL के सेवानिवृत अधिकारी है.

 

बैंक गारंटी जब्त करने के साथ ही केंद्र सरकार ने राज्य सरकार पर इस कोल ब्लॉक को सरेंडर करने के लिए भी दवाब बनाया. लेकिन उस वक्त इसे सरेंडर करने से इनकार कर दिया गया. 

 

JSMDC ने 2025 में सुगिया कोल ब्लॉक को चलाने के लिए Mine Developer and Operators(MDO) के चुनाव के लिए टेंडर प्रकाशित किया. टेडर प्रकाशित होने के बाद कुछ कंपनियों ने शुरूआत में दिलचस्पी दिखायी. कोल ब्लॉक के सिलसिले में अतिरिक्त जानकारी ली. लेकिन किसी ने बिड नहीं किया. इसके बाद जनवरी 2026 में इस कोल ब्लॉक को सरेंडर करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया. 

 

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार इससे पहले भी JSMDC को आवंटित पाताल इस्ट कोल ब्लॉक के मामले में केंद्र सरकार 52.86 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त कर चुकी है. केंद्र सरकार द्वारा इस कोल ब्लॉक का आवंटन भी रद्द किया जा चुका है. JSMDC इस कोल ब्लॉक को भी निर्धारित समय सीमा में चला नहीं सकी थी. 

 

निर्धारित समय के अंदर कोल ब्लॉक को ऑपरेशनल नहीं कर पाने की वजह से केंद्र सरकार ने पहले पाताल कोल ब्लॉक के लिए दी गयी बैंक गांरटी जब्त की. इसके बाद JSMDC ने इस मामले में कानूनी लड़ाई शुरू की थी. लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ. अंत में केद्र सरकार ने बैंक गारंटी के रूप में जब्त 52.86 करोड़ की राशि बैंक से ले ली. 

 

JSMDC द्वारा बार-बार कोल ब्लॉक चलाने में असमर्थ होने और केंद्र सरकार द्वारा बैंक गारंटी जब्त कर लिये जाने की वजह से राज्य को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. आर्थिक संकट से जूझ रहे राज्य के लिए यह गंभीर चिंता का विषय है.

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