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JSSC परीक्षा नियमावली : HC ने पूछा- संशोधन के पीछे क्या थी मंशा, रिजर्व केटेगरी व अन्य छात्रों के बीच भेदभाव क्यों

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Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट में JSSC परीक्षा नियमावली संशोधन के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से पूछा कि इस संशोधन के पीछे क्या वजह थी. बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से वरीय अधिवक्ता मुकुल रहतोगी और महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा. वहीं JSSC की ओर से अधिवक्ता संजोय पिपरवाल और अधिवक्ता प्रिंस ने हाईकोर्ट के समक्ष पक्ष रखा. प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता अजित कुमार, अपराजिता भारद्वाज और कुशल कुमार अदालत के समक्ष उपस्थित हुए. इसे भी पढ़ें - खूंटी">https://lagatar.in/khunti-clashes-between-two-groups-stone-pelting-situation-tense-police-force-deployed-in-large-numbers/">खूंटी

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हिंदी और अंग्रेजी को हटाए जाने के पीछे क्या वजह है

प्रार्थी की अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने बताया कि सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि हिंदी और अंग्रेज़ी को हटाए जाने के पीछे क्या वजह है. इसके साथ ही अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा की बाध्यता सिर्फ़ जेनरल केटेगरी के छात्रों के लिए क्यों है. यह संशोधन क्यों है. इसका आधार क्या है. इसे भी पढ़ें - पीएम">https://lagatar.in/pm-modi-said-family-parties-are-enemies-of-democracy-bjp-is-following-the-mantra-of-ek-bharat-shreshtha-bharat/">पीएम

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दो सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

जिसपर सरकार की ओर से वरीय अधिवक्ता मुकुल रहतोगी ने बहस के लिए समय दिए जाने का आग्रह किया. जिस अदालत ने स्वीकार करते हुए इस मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तिथि निर्धारित की है. प्रार्थी रमेश हांसदा की याचिका पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डा रविरंजन और जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद की बेंच में सुनवाई हुई. बता दें कि प्रार्थी रमेश हांसदा ने झारखंड हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए राज्य सरकार द्वारा JSSC नियमावली मे किए गए संशोधन को गलत बताते हुए निरस्त करने की मांग की है. इसे भी पढ़ें - Electoral">https://lagatar.in/supreme-court-agrees-to-hearing-on-electoral-bonds-calcutta-company-donated-40-crores-for-fear-of-raids/">Electoral

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