उम्रकैद या फांसी ?
सीबीआई वकील अमित जिंदल ने लगातार को बताया कि जज ने ऑटो ड्राइवर और उसके एक सहयोगी को 302 का दोषी माना है. दोनों, जज की हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के दोषी पाए गए हैं. इन्हें उम्रकैद या फांसी होगी. इससे पहले सीबीआई की विशेष अदालत में मामले की सुनवाई 3:45 बजे शुरू हुई. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने साक्ष्यों को पढ़ा, दोनों आरोपियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया. शाम 4: 40 पर फैसला सुनाया. यह भी पढ़ें : 58">https://lagatar.in/dhanbad-judge-uttam-anand-murder-case-58-witnesses-two-investigators-and-one-year-now-the-sentence/">58गवाह, दो अनुसंधानकर्ता और एक साल, अब सजा [wpse_comments_template]

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