मई 2025 में जस्टिस गवई CJI बनने जा रहे हैं. वे देश के दूसरे CJI हो सकते हैं, जो अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं. NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई इन दिनों अपनी टिप्पणियों को लेकर खासे चर्चा में हैं. उनके द्वारा Freebies को लेकर की गयी टिप्पणी के बाद सुप्रीम कोर्ट में जारी कथित अनुशासनहीनता को लेकर नाराजगी जाहिर की है. बताया जाता है कि उन्होंने उच्च न्यायालयों से तुलना करते हुए सुप्रीम कोर्ट को सर्वाधिक अनुशासनहीन जगह करार दिया है. याद करें कि उन्होंने पूर्व में अनुशासन के मुद्दे पर ही सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाये थे. महत्वपूर्ण बात यह है कि जस्टिस गवई मई 2025 में भारत के CJI बनने जा रहे हैं.
जस्टिस गवई की कठोर टिप्पणी, सुप्रीम कोर्ट सर्वाधिक अनुशासनहीन जगह, उच्च न्यायालयों की तारीफ की
Last Updated: Jan 08, 2025 12:00 AM (IST)