इस खबर से अलग एक सबसे बड़ी खबर यह आयी है कि पार्टी के वरिष्ठ सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर भड़क गये हैं. उन्होंने खुद को अभिषेक बनर्जी के केस से पूरी तरह अलग कर लिया है. साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कहा है कि वे यह तय करें कि पार्टी में अभिषेक बनर्जी रहेंगे या कल्याण बनर्जी.
अपने गुस्से का कारण बताते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि वे कोर्ट में अभिषेक बनर्जी से जुड़े तलाशी और समन के महत्वपूर्ण कानूनी मामले देख रहे थे. कहा कि उन्होंने घंटों केस की तैयारी की, लेकिन अफसोस कि आधी रात को उन्हें अचानक जानकारी दी गयी कि वे(कल्याण बनर्जी) नहीं. कोई दूसरा वकील इस केस में जिरह करेगा.
कल्याण बनर्जी ने तल्ख लहजे में कहा, मैं पिछले 45 सालों से वकालत के पेशे में हूं. मेरे पास राजनीति का भी लंबा अनुभव है. मैं इस तरह का घमंडी और अपमानजनक रवैया कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता.
कल्याण बनर्जी ने कहा, यह बेहद अपमानजनक है. इससे यह साफ हो गया है कि मुझ पर कभी भरोसा ही नहीं किया गया. श्री बनर्जी ने ममता से गुहार लगाते हुए कहा, उन्हें डस्टबिन की तरह ट्रीट मत कीजिए. कल्याण बनर्जी ने कहा कि अगर किसी और को केस सौंपना था, तो पहले बताना चाहिए था. आधी रात को बताया गया कि अब मेरी जरूरत नहीं है. मेरे लिए यह बेहद अपमानजनक है.
कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमलावर होते हुए कहा, वह बेहद अहंकारी व्यक्ति हैं. वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं करते. सभी के साथ कर्मचारियों जैसा व्यवहार करते हैं. कहा कि 2022 से ही अभिषेक ने उन(कल्याण बनर्जी) पर कभी भरोसा नहीं किया. अभिषेक अड़ियल रवैये के कारण आज पूरी पार्टी बर्बाद हो गयी है.
हालांकि कल्याण बनर्जी ने साफ किया कि वे ममता बनर्जी के प्रति पूरी तरह वफादार हैं. उन्होंने कहा, मैं ममता दी के साथ हूं और उनके लिए ही लड़ रहा हूं, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है. ममता दी को अब हम दोनों में से किसी एक को चुनना होगा.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment