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गोड्डा के आदिवासी गांवों में धूमधाम से मना करमा

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प्रकृति प्रेम को दर्शाता करमा की हर ओर मची है धूम

Godda : भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक करमा की जिलेभर में धूम मची है. झारखंड का यह प्रमुख त्योहार भादो माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी से आरंभ होकर पूर्णिमा तक मनाया जाता है. प्रकृति के प्रति प्रेम को प्रदर्शित करने का यह त्योहार है. इसमें बहनें अपने भाइयों के सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. ग्रामीण इलाकों ने अधिकांश घरों में यह पर्व मनाया गया. सभी आज 11 दिन की चाँद पर एकादशी को लेकर सभी करमैती उपवास कर, जावा को नौ बार जगाने के बाद शाम को करम डाल की पूजा अर्चना कीं. फिर सुबह करम डाल व जावा का विसर्जन कर दिए जाने के साथ ही पर्व संपन्न हो जाएगा. करम डाल व जावा डाला विसर्जन के बाद सभी करमैती बासी भात के साथ पारण करेंगे. ख़ासकर आदिवासी कुरमाली समाज के सभी गावों में इस पर्व को व्यापक पैमाने पर मनाया गया. यह">https://lagatar.in/jamtara-historic-kalash-yatra-started-from-chanchala-temple/">यह

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