Benguluru : कर्नाटक में 13 नवंबर को उपचुनाव होने वाला है. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है. भाजपा नेता सीपी योगेश्वर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गये. योगेश्वर ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मौजूदगी में बेंगलुरु स्थित पार्टी मुख्यालय में औपचारिक रूप से पार्टी का दामन थामा है. सूत्रों की मानें तो सीपी योगेश्वर उपचुनाव में चन्नपटना विधानसभा सीट से खड़े हो सकते हैं. गौरतलब है कि योगेश्वर उन नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने 2019 में भाजपा को सत्ता में लाने के लिए `ऑपरेशन लोटस` में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. योगेश्वर का कांग्रेस में शामिल होना भाजपा और जेडीएस के लिए झटका है.
पार्टी में शामिल होने से पहले सीएम से उनके आवास पर की थी मुलाकात
कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से पहले सीपी योगेश्वर ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बेंगलुरु स्थित उनके `कावेरी` आवास में उनसे मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने सिद्दारमैया का पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के घर जाने से पहले योगेश्वर सुबह-सुबह उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बेंगलुरु स्थित आवास पर गये और उनसे मुलाकात की. यहां योगेश्वर ने डीके शिवकुमार, मंत्री जमीर अहमद खान, कन्नड़ एवं संस्कृति मंत्री शिवराज तंगदागी, पूर्व कांग्रेस सांसद डीके सुरेश और अन्य की मौजूदगी में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के साथ बैठक की थी. इसके बाद उपमुख्यमंत्री के साथ उनके कार में ही मुख्यमंत्री आवास गये. भाजपा के टिकट पर लड़ना चाहते थे चुनाव
सीपी योगेश्वर भाजपा के टिकट पर हाई प्रोफाइल चन्नापटना सीट से उपचुनाव लड़ना चाहते थे. लेकिन भाजपा ने चन्नपटना सीट गठबंधन सहयोगी जद (एस) को दे दिया है. इसके बाद योगीश्वर ने गठबंधन नेताओं से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के संबंध में विचार करने की अपील की थी. एनडीए योगीश्वर को जद (एस) के टिकट पर मैदान में उतारना चाहती थी. लेकिन योगेश्वर ने एनडीए उम्मीदवार के रूप में जेडीएस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. वह चाहते थे कि जेडीएस नेता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी (जो इस सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं) उन्हें भाजपा उम्मीदवार के रूप में समर्थन दें. लेकिन कुमारस्वामी और उनकी पार्टी को यह स्वीकार्य नहीं था. इसके बाद योगेश्वर ने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया. बता दें कि योगेश्वर ने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर कुमारस्वामी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और उनको हार का सामना करना पड़ा था.
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