NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट द्वारा कश्मीर विवाद के समाधान से जुड़ी याचिका दायर करने वाले पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाये जाने की खबर है. खबरों के अनुसार याचिका में कश्मीर समस्या के समाधान के लिए मनमोहन-मुशर्रफ का चार सूत्री फॉर्म्युला लागू करने की मांग की गयी थी. न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने याचिका को अदालत का समय बर्बाद करने वाली मानते हुए कहा कि SC आईआईटी-बंबई से स्नातक प्रभाकर वेंकटेश देशपांडे द्वारा दायर याचिका पर विचार करने का इच्छुक नहीं है.
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गांधी से मिलने जल्द दिल्ली जायेंगे लालू यादव और नीतीश कुमार, 2019 की गलती को नहीं दोहराना- तेजस्वी यादव कश्मीर समस्या का सैन्य समाधान नहीं हो सकता
बता दें कि याचिकाकर्ता ने कहा था कि कश्मीर समस्या का सैन्य समाधान नहीं हो सकता है. इस क्रम में देशपांडे ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ द्वारा तैयार किये गये तथाकथित चार सूची फॉर्म्युला के अमल का समर्थन किया. बताया जाता है कि इस फॉर्म्युले में स्वायत्तता, संयुक्त नियंत्रण, विसैन्यीकरण और बगैर बाड़ वाली सीमा की समस्या का हल शामिल है. याचिकाकर्ता का कहना था कि इन मसलों पर आगे बातचीत की जा सकती है.
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की न्यूज डायरी।।10 SEP।।सीटेट पास को सीएम का भरोसा।।स्थिति स्पष्ट करें राज्यपाल-झामुमो।।बदले गए बीजेपी प्रभारी।।राहुल का बीजेपी-RSS पर निशाना।।समेत कई खबरें और वीडियो।। अदालत नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती
इस पर पीठ ने कहा कि अदालत नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती. कहा कि याचिका प्रचार हित याचिका के रूप में अधिक प्रतीत होती है. पीठ ने कहा कि वह याचिकाकर्ता के वकील को सूचित कर रही है कि इस तरह की याचिकाओं से अदालत का समय बर्बाद करने के लिए याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगायेगी. पीठ ने चेतावनी देते हुए कहा कि बेशक, हम आपकी बात सुनेंगे, लेकिन हम आपको नोटिस दे रहे हैं कि हम जुर्माना लगायेंगे. याचिकाकर्ता के वकील अरूप बनर्जी ने कहा कि देश ने पिछले 70 वर्षों में कश्मीर पर पाकिस्तान के साथ ढाई युद्ध लड़े हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है. बता दें कि पीठ ने सुनवाई के बाद कहा कि वह याचिका पर विचार करने की इच्छुक नहीं है. इसके बाद याचिकाकर्ता पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगा दिया. [wpse_comments_template]
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