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alt="" width="600" height="400" /> कहा कि इसी प्रयास में एक बार मैं फेसबुक पर केरल के एक विद्यालय का फोटो देखा. जिसे रेलगाड़ी की तरह पेंटिंग किया गया था. इसी को मैंने अपने विद्यालय में उतारा और विद्यालय को रेलगाड़ी की शक्ल दी. जब मैं इस विद्यालय मैं आया था उस समय उपस्थिति मात्र 50-60 हुआ करती थी. आज उपस्थिति बढ़कर 250 से 275 है. नामांकन 365 है. शिक्षकों की संख्या पांच है. 12 कंप्यूटर तथा एक प्रोजेक्टर से बच्चों की पढ़ाई के साथ बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित किया जाता है. अच्छी बात यह है कि आज लड़कियां यहं पर फुटबॉल, एथलीट व कबड्डी खेलती हैं. https://lagatar.in/kasiyadih-middle-school-given-the-shape-of-a-train/2-133/"
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alt="" width="600" height="400" /> उनमें पढ़ाई के साथ ही खेल के प्रति काफी झुकाव बढ़ा है. वे जिला स्तर पर कई मेडल जीत चुकी हैं. प्रसाद ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर बच्चों को पढ़ाया. साथ ही उनके घर आकर बच्चों की पढ़ाई के साथ हालचाल जाना. इन्होंने अपना भविष्य का प्लान बताते हुए कहा कि मैं एक साल के अंदर इस विद्यालय को प्राइवेट स्कूल की तरह बना दूंगा. सभी बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी बोले यह मेरा अपने आपसे कमिटमेंट है. विद्यालय की खूबसूरती के साथ शौचालय भी खूबसूरत है. साफ सफाई बेहतरीन है. विद्यालय प्रांगण में फूल और पौधा लगाया गया है. हत तरफ हरियाली है. पहले ट्रेन का रूप था. अब राजधानी ट्रेन का स्वरूप देकर झारखंड एजुकेशन एक्सप्रेस का नाम दिया हूं. इससे बच्चे भी जोश में हैं. वे समय पर स्कूल आते हैं और पढ़ाई करते हैं. इसे भी पढ़ें - प्रधानमंत्री">https://lagatar.in/prime-minister-modi-reached-war-torn-country-ukraine-met-president-zelensky/">प्रधानमंत्री
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