Hazaribagh: कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में कार्यरत शिक्षिकाओं और कर्मियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. वेतन भुगतान में हो रही देरी से शिक्षिकाओं के समक्ष पारिवारिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई तथा दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल हो गया है.
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विद्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार केवल वेतन भुगतान ही नहीं, बल्कि खाद्य सामग्री की खरीद के लिए मिलने वाला फंड भी लंबे समय से लंबित है. इसके कारण छात्रावास में रहने वाली करीब 470 छात्राओं के भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है. विद्यालय प्रबंधन को सीमित संसाधनों में व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

शिक्षिकाओं ने बताया कि खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले वेंडर लगातार बकाया राशि के भुगतान का दबाव बना रहे हैं. समय पर भुगतान नहीं होने से कई आपूर्तिकर्ताओं ने सामग्री देने में भी अनिच्छा जताई है. यदि शीघ्र फंड उपलब्ध नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में छात्राओं के भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है.
विद्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में दूर-दराज के क्षेत्रों की छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं. ऐसे में वेतन और खाद्य सामग्री मद की राशि समय पर उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि छात्राओं की शिक्षा और आवासीय व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित होती रहे.
शिक्षिकाओं एवं कर्मियों ने संबंधित विभाग से अविलंब लंबित वेतन का भुगतान करने तथा खाद्य सामग्री मद की राशि जारी करने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विद्यालय संचालन में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं.
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