दो घंटे तक चला कार्यक्रम
डॉ. सुरिंदर कौर नीलम के सरस्वती वंदना से कवि सम्मेलन शुरू हुआ. कानपुर की मशहूर शायरा शबीना अदीब ने प्रारंभ में ही ये वतन मेरा वतन... जैसे गीत से दर्शकों में देशभक्ति का जोश भरा. प्रयागराज की आना इलाहाबादी ने हे गजब की केमिस्ट्री बनी तथा आसमां तू बना तो.. जैसे गीतों और गजलों से समां बांधा. वाराणसी की विभा शुक्ल ने कभी सावन की बदली हूं.. जैसे गीत से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया. लगभग दो घंटे तक चले कार्यक्रम में तालियों की गूंज सुनाई पड़ती रही. अंत में कवियों का सम्मान उन्हें प्रतीक-चिन्ह भेंट कर किया गया. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/jharkhand-jdu-in-charge-ashok-chaudhary-reached-ranchi-said-the-party-has-to-be-strengthened-in-the-state/">रांचीपहुंचे झारखंड जदयू प्रभारी अशोक चौधरी, कहा- पार्टी को राज्य में मजबूत करना है [wpse_comments_template]

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