आपराधिक गिरोहों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का निर्देश
डीजीपी ने अपराध नियंत्रण के लिए संगठित आपराधिक गिरोहों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. संगठित आपराधिक गिरोह के फरार अपराधकर्मियों को गिरफ्तार करने एवं अपराध नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. डीजीपी ने कहा कि लंबित कांडों एवं राज्य में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराध में त्वरित कार्रवाई करें. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में डायन प्रथा जैसे कुरीतियों को दूर करने के लिए ग्रामीणों के बीच जागरुकता फैलाने पर जोर दिया. उन्होंने सर्टिफिकेट केस में निर्गत वारंट का तामिला करने, राज्य में अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गठित टास्क फोर्स द्वारा लगातार छापामारी करने तथा एनडीपीएसएक्ट के तहत प्रतिवेदित कांडों की संख्या, अफीम की खेती को नष्ट करने एवं तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, उसके तहत की गई गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में जानकारी ली.साइबर अपराध के मुद्दे पर भी चर्चा
बैठक के दौरान डीजीपी के द्वारा साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए चर्चा की गई. जिसमें डायल- 1930 को सुदृढ करने तथा उस पर आने वाले कॉल पर त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया. बैठक में बताया गया कि अभी तक डायल- 1930 पर ससमय सूचना प्राप्त होने पर कुल चार करोड़ आठ लाख सत्तासी हजार रुपयों को फ्रिज कराते हुए साइबर अपराधियों से सुरक्षित बचा लिया गया है.श्रावणी मेला को लेकर विधि-व्यवस्था की चर्चा
राज्य में आने वाले पर्व त्योहार एवं श्रावणी मेला को देखते हुए विधि-व्यवस्था के संधारण में आ रही कठिनाईयों एवं उसके निराकरण को लेकर चर्चा की गई. साथ ही पूर्व में घटित सांप्रादायिक घटनाओं से संबंधित दर्ज कांडों की भी समीक्षा की गई. साथ ही विधि-व्यवस्था संधारण के लिए निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा सोशल मीडिया पर प्रभावी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर अफवाह, भड़काऊ भाषण एवं झूठी सूचना नहीं फैलाई जा सके. इसे भी पढ़ें : खाद्य">https://lagatar.in/in-the-matter-of-food-security-jharkhand-lags-behind-bihar-getting-20-points-and-at-20th-place-in-the-country/">खाद्यसुरक्षा के मामले में झारखंड, बिहार से पीछे, 20 अंक प्राप्त कर देश में 20वें स्थान पर [wpse_comments_template]
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