National News : मोदी सरकार एससी/एसटी/ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्गों का आरक्षण खत्म करने की साजिश रच रही है. सरकारी पदों को जानबूझकर खाली रखा जा रहा है. अनुबंध पर कर्मचारियों की भर्ती की संख्या बढ़ाई जा रही है. यह आरोप कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लगाया है. श्री खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा की नीति डॉ आंबेडकर द्वारा दिये गये संवैधानिक अधिकार छीनने की है. भाजपाई नीति का पर्दाफाश हो चुका है.
चोर दरवाज़े से मोदी सरकार ने आरक्षण ख़त्म करने की योजना रची !!
— Mallikarjun Kharge (@kharge) August 24, 2026
2015 में केंद्र सरकार में 4.21 लाख पद खाली थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 8.24 लाख हो गई।
रेलवे में 2.40 लाख पद खाली हैं। डिफेंस में 2.41 लाख। गृह मंत्रालय में 1.10 लाख।
PSU में 5.1 लाख स्थायी नौकरियां खत्म हो गईं।… pic.twitter.com/bGTfoUX7nW
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, मोदी सरकार की आरक्षण खत्म करने की योजना है. बताया कि 2015 में केंद्र सरकार में 4.21 लाख पद खाली थे. 2024 आते आते यह संख्या बढ़कर 8.24 लाख पर पहुंच गयी. खड़गे ने कहा कि रेलवे में 2.40 लाख, रक्षा विभाग में 2.41 लाख और गृह मंत्रालय में 1.10 लाख पद खाली हैं.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएसयू में स्थायी रोजगार घट रहे हैं, लेकिन अनुबंध पर भर्ती बढ़ाई जा रही है.आरोप लगाया कि पीएसयू में 5.1 लाख स्थायी नौकरियां खत्म कर दी गयी है. उधर कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों की सहभागिता 19 फीसदी से बढ़कर 49फीसदी हो गयी है.
खडगे ने इसे सिर्फ रोजगार का नहीं, सामाजिक न्याय का सवाल करार दिया. आरोप लगाया कि सरकारी पद खाली रखेंगे तो आरक्षण खत्म हो जाएगा. यह भी कहा कि पीएसयू बेचे जायेंगे तो आरक्षित नौकरियां खत्म हो जायेगी. स्थायी नौकरियां कॉंट्रेक्ट में दी जायेंगी तो आरक्षण खत्म होगा.
खडगे के अनुसार आरक्षण खत्म करने के लिए संविधान में संशोधन करना जरूरी नहीं है.आरक्षण वाली नौकरियां खत्म करने से ही यह हो जायेगा. यह भाजपा का एजेंडा है.
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