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खरगे ने अनुसूचित जाति और अडानी का मामला उठाया, पीयूष गोयल ने अपने नेताओं की संपत्ति देखने की दी सलाह

NewDelhi : बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर संसद में जोरदार बहस हुई. अडानी ग्रुप के शेयरों के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर हमलावर हुए. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद में सरकार को अडानी के मुद्दे पर घेरा. इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में अनुसूचित जाति का मामला उठाया. खरगे ने कहा कि अनुसूचित जाति को तो हम हिंदू समझते हैं ना, तब उन्हें मंदिर जाने से क्यों रोकते हैं. अगर समझते हैं तो उन्हें बराबरी का स्थान क्यों नहीं देते. कई मंत्री दिखावे के लिए उनके घर जाकर खाना खाते हैं और तस्वीर खींचवा कर बताते हैं कि हमने उनके घर खाना खाया है. कहा कि कई सासंद-मंत्री सिर्फ हिंदू मुस्लिम करते हैं. क्या बात करने के लिए कोई और मुद्दा नहीं है. दूसरी तरफ कोई अनुसूचित जाति के लोग मंदिर जाते हैं तो उन्हें मारते हैं. उनकी सुनवाई नहीं होती है. (पढ़ें, मुजफ्फरपुर">https://lagatar.in/muzaffarpur-mega-plan-of-municipal-corporation-budget-of-1-crore-for-sterilization-of-stray-dogs/">मुजफ्फरपुर

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खरगे पर पीयुष गोयल ने दिया करारा जवाब

मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में अडानी का मामला भी उठाया. उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की संपत्ति ढ़ाई साल में 13 गुना बढ़ गयी. 2014 में संपत्ति 50,000 करोड़ थी. जो 2019 में एक लाख करोड़ हो गयी. अचानक ऐसा क्या जादू हुआ कि अडानी की संपत्ति 12 लाख करोड़ बढ़ गयी. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को बीजेपी वाले नहीं मानते हैं. खरगे ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) बिठाकर अडानी मामले की जांच करने की मांग की.

पीयुष गोयल ने कहा- ये लोग खुद के नेता के कहे बिना कुछ नहीं करते 

केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल ने खरगे को जवाब दिया. गोयल ने कहा कि विदेशी रिपोर्ट (हिंडनबर्ग रिपोर्ट) पर सवाल न उठाएं. यह तो कांग्रेस का तारीका है. लेकिन मैं स्पष्ट कहता हूं कि इनके खुद के नेता जिनके कहने के बगैर ये कुछ नहीं करते हैं, उनकी संपत्ति कितनी बढ़ गयी है. उन्होंने कहा कि वह देखें कि 2014 में उनके नेता की संपत्ति कितनी थी और आज कितनी है.

सरकार पर आरोप लगने पर जेपीसी बिठायी जाती-पीयूष गोयल 

खरगे के संयुक्त संसदीय समिति की जांच की मांग पर पीयूष गोयल ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) तब बैठती है जब आरोप सिद्ध हो जाये. जब सरकार पर आरोप लगता है, तब संयुक्त संसदीय समिति बिठाई जाती है. किसी निजी व्यक्ति के मुद्दे पर नहीं. इसे भी पढ़ें : संसद">https://lagatar.in/bjp-mp-nishikant-dubeys-hue-and-cry-in-parliament-notice-of-breach-of-privilege-given-to-rahul-gandhi/">संसद

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