National News : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी ने मंत्री किरेन रिजिजू को कोई वास्तविक अधिकार नहीं दिया है. बस उनका इस्तेमाल कर रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे वे ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल करते हैं.
VIDEO | Karnataka: Congress president Mallikarjun Kharge says, "He (Kiren Rijiju) has not been given that much power. He is being used as a front, just as they are using Gyanesh Kumar. Similarly, they are using Rijiju. He (PM Modi) does not reply to anyone himself. We write to him, and he gets someone else to draft the reply. What does this mean? He is insulting opposition leaders. He is insulting all the opposition parties, and why are they not coming? You should reply. You should take cognisance of what we say. Are you above the law? Are you above the Constitution? You are one MP among 543, and you are number one among them. That does not mean that you can do whatever you want." (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 21, 2026
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, पीएम मोदी सीधे जवाब देने के बजाय रिजिजू या अन्य से पत्र लिखवाते हैं.वे कर्नाटक के कलबुर्गी में बोल रहे थे. कहा कि पीएम विपक्ष के नेताओं का अपमान कर रहे हैं. वे सभी विपक्षी दलों का अपमान कर रहे हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,क्या आप(मोदी) संविधान से ऊपर हैं?
उन्होंने पीएम पर हमलावर होते हुए कहा, अगर आपने मन बना ही लिया है मनमाने और तानाशाही तरीके से काम करने का, तो जनता आपको सत्ता से हटा देगी और आपकी विचारधारा को ही खत्म कर देगी. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, मैं साफ तौर पर कह देता हूं कि अगर उन्होंने(पीएम) ने ये हथकंडे नहीं छोड़े, तो जनता पक्का उन्हें सजा देगी.
कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान उनके द्वारा प्रधानमंत्री को परिसीमन के मुद्दे पर लिखे गये पत्र के जवाब में किरेन रिजिजू का जवाब (खड़गे को पत्र लिख कर) सामने आने के बाद आया है.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने खड़गे के पत्र का जवाब देते हुए कहा था कि सरकार ने परिसीमन के मुद्दे पर लगातार विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों (जैसे द्रमुक, सपा, शिवसेना आदि) के साथ संवाद और चर्चा की कोशिश की है.
बता दें कि कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी रिजिजू के जवाब पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है. परिसीमन को लेकर सरकार से नए प्रस्ताव पर स्पष्टता की मांग की है.
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