Saraikela-Kharsawan : सरायकेला, खरसावां एवं हारिभंजा के श्री गुंडिचा मंदिर में मंगलवार को महिलाओं ने मां संकट तारणी की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की. मां संकट तारणी को दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है. यह पूजा रथयात्रा के दौरान ही की जाती है. ऐसी मान्यता है कि रथयात्रा के दौरान मां संकट तारणी की पूजा करने से सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है. इसे भी पढ़े : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-mother-vipadtarini-worshiped-at-tara-temple/">चाईबासा
: तारा मंदिर में हुई मां विपद्तारिणी की पूजा मंदिरों में दो वर्षों के बाद हो रही इस पूजा के कारण महिलाओं की संख्या काफी अधिक देखी गई. कई गांवों में तो घरों में पंडितों ने पुरे विधि-विधान से मां संकट तारिणी की पूजा कराई गई. इसके बाद कथा भी सुनी गई. पूजा के बाद महिलाओं द्वारा अपने परिवार के प्रत्येक सदस्यों को दूब घास के साथ मौली धागा बांह में बांध कर विपदाओं से रक्षा के लिए आर्शीवाद मांगा. [wpse_comments_template]
खरसावां : गुंडिचा मंदिर में संकट तारिणी व्रत का आयोजन

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