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खरसावां : सुरु सिंचाई योजना का निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिये विधायक ने किया भूमि पूजन

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Kharsawan : खरसावां की महत्वाकांशी सुरु सिंचाई योजना का निर्माण कार्य करीब ढाई साल के बाद फिर शुरू होगी. मई 2019 में डैम निर्माण स्थल के पास हुई नक्सली घटना के बाद से काम बंद था. विभागीय अभियंता व स्थानीय लोगों की उपस्थिति में स्थानीय विधायक दशरथ गागराई ने उक्त परियोजना के निर्माण कार्य का भूमि पूजन शुक्रवार को खरसावां के हुडांगदा के पास डैम निर्माण स्थल पर किया. मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि वर्षों पूर्व इस योजना के तहत कुछ विस्थापितों को सरकार से मुआवजा मिला है. परंतु इस योजना के क्रियान्वयन में देरी होने से विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है. इस योजना के विस्थापित गांवों का सर्वे कर सरकार से मिलने वाली लाभ दिलाया जायेगा. विस्थापन नीति के तहत शेष सभी विस्थापितों को चिन्हित कर सरकारी लाभ दिलाया जायेगा. मौके पर विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोहर प्रसाद, एई असीम बिरुवा, जेई विजय सिंह व दारोगा प्रसाद मुंडा, विधायक प्रतिनिधि अर्जुन गोप, पूर्व प्रमुख अमर सिंह हांसदा, उप मुखिया सोयना मुंडा, प्रदीप हांसदा, राजेन लोहार, सुदन मुंडा, भवेश मिश्रा, मुकुंद सिंहदेव, अजय सामड, अरुण जामुदा समेत ग्रामीण मौजूद थे. मालूम हो कि इस योजना के क्रियान्वयन में करीब 96 करोड़ की लागत आयेगी. इसके दो नहर से खरसावां-कुचाई प्रखंड के 19 गांवों के 3400 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-mla-deepak-biruwa-laid-the-foundation-stone-of-tekasai-gomayasai-road/">चाईबासा

: विधायक दीपक बिरुवा ने किया टेकासाई-गोमयासाई सड़क का शिलान्यास

2012 के पुनर्वास नीति के तहत विस्थापितों को लाभ देने की मांग

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alt="" width="300" height="135" /> भूमि पूजन के दौरान विस्थापित गांव लखनडीह के ग्रामीणों ने विधायक दशरथ गागराई से पुनर्वास नीति-2012 के तहत विस्थापितों को लाभ देने की मांग की. ग्रामीणों ने बताया कि इस योजना के निर्माण कार्य में देरी होने के कारण विस्थापित परिवारों की संख्या भी बढ़ी है. फिर से सर्वे कर पुनर्वास नीति-2012 के तहत विस्थापितों को लाभ देने की मांग की गयी.

सुरु सिंचाई योजना एक नजर में

वन विभाग की भूमि का मुआवजा : 9 करोड़ 84 लाख 89 हजार. पेड़ पोधों की क्षतिपूर्ति राशि : 69.93 लाख. जिला भू अर्जन पदाधिकारी को भुगतान मार्च 2007 तक छ 97.6 लाख. 1990 के पूर्व हुआ खर्च : 55.14 लाख. नागार्जुन कंस्ट्रक्शन को दी गई राशि : 77.87 लाख. कार्य की प्रगति : मात्र दो प्रतिशत वर्ष 2009 तक योजना पर खर्च : 13.54 करोड़

सिंचाई योजना की पटवन क्षमता

प्रस्तावित जल ग्रहण क्षेत्र : 63.455 वर्ग किमी. लंबाई : 165.85 मीटर ऊंचाई : 35.06 मीटर जलाशय क्षमता : 277.98 हे. मीटर खरीफ फसल की सिंचाई : 293.5 हेक्टेयर रबी फसल की सिंचाई : 1506 हेक्टेयर नहर की लंबाई : 11.61 किलोमीटर अधिकतम स्पाकित जलश्राव : 987 क्यूसेक मानसून वर्षा : 2382.70 एमएम डूब क्षेत्र : 296.72 हेक्टेयर डूब गांव : लखीनडीह, चैतन्यपुर, रेयाडढ़ा

कई गांवों में होती हरियाली

सुरू सिंचाई परियोजना के पूरा होने पर खरसावां प्रखंड के हुडांगदा, पतपत, रिडीगदा, नारायणबेडा, काटांडीह, टांकोडीह, बरजूडीह, हरिभंजा, रामपुर एवं कुचाई प्रखंड के पुनीबुडी दामादिरी सहित कई गांव लाभान्वित होते. इस योजना का इंतजार किसानों को लंबे समय से है. इसके पूरा होने पर सालों भर खेतों में हरियाली होती. [wpse_comments_template]

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