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खरसावां : पुडुचेरी का भ्रमण कर लौटे आदिवासी बच्चों ने बताए अपने अनुभव

Kharsawan : सरायकेला जिले के आदिवासी गांव के 15 लड़के और 15 लड़कियां पुडुचेरी का भ्रमण कर लौट आए हैं. इन 30 बच्चों को सीआरपीएफ की 157वीं बटालियन के सहयोग से भेजा गया था. इन बच्चों को 15 जनवरी को गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नेहरु युवा संगठन के सहयोग से संचालित 14वें आदिवासी आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत भ्रमण पर भेजा गया था. भ्रमण से लौटने पर बच्चों का 157वीं बटालियन सीआरपीएफ के दुगनी कैंप में डिब्रीफिंग सेशन हुआ. इसमें सभी ने अपने अनुभव शेयर किए. उन्होंने वहां की सभ्यता, संस्कृति, रहन-सहन व उनके क्रियाकलापों के बारे में बताया. इस भ्रमण के दौरान सभी बच्चों को सरकारी अनुदान से मुफ्त खाना, मुफ्त आना-जाना व एक ट्रैक सूट, एक जोड़ी पैंट व टी-शर्ट, जूता, जुराब, गर्म बनियान आदि सामान देकर मुफ्त रेल यात्रा के माध्यम से पुडुचेरी भेजा गया था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-fire-broke-out-in-saraswati-puja-pandal-in-bagbera/">जमशेदपुर

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वहां के राज्यपाल व मुख्यमंत्री के साथ भेंट करने का भी इन्हें मौका मिला. सभी बच्चों ने 157वीं बटालियन के कमांडेंट भूपाल सिंह से इस प्रकार के कार्यक्रम जारी रखने का निवेदन किया, ताकि लोग बाहर के लोगों की सभ्यता संस्कृति से सीख कर समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त कर सकें. डिब्रीफिंग सेशन के दौरान नेहरू युवा संगठन के एम रामाचंद्रा राव व अन्य पदाधिकारी, 157 बटालियन के उप कमांडेंट कुमार राकेश रंजन, निरीक्षक विष्णु शर्मा, निरीक्षक ज्ञान प्रकाश, प्रतिभागी आदिवासी ग्रामीण बच्चे व अन्य जवान उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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