Ranchi : सेंगल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने बुधवार को फिर कहा कि पारसनाथ पहाड़ पर आदिवासियों का पहला अधिकार है. वहां आदिवासियों का मरांग बुरु है. ईश्वर का स्थान है. मोरहाबादी मैदान में मीडिया से कहा कि जैन समाज ने पारसनाथ पहाड़ पर कब्जा कर रखा है. राज्य सरकार ने आदिवासियों के ईश्वर और आस्था को जैनियों के हाथों बेच दिया है. उसे मुक्त कराने के लिए आदिवासी समाज बाध्य है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो द्वारा उन्हें ओड़िशा का बताये जाने पर सालखन ने कहा - मैं बाहरी नहीं, खतियानी झारखंडी हूं. जगरनाथ महतो तो अपना काम भी ठीक से कर नहीं पा रहे हैं. पहले उस पर ध्यान दें.
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पारसनाथ को बचाने के लिए राष्ट्रपति को सौंपेंगे ज्ञापन
सालखन ने कहा कि 17 जनवरी को पांच प्रदेशों में महाधरना प्रदर्शन करेंगे. पारसनाथ को बचाने के लिए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे. 11 फरवरी को मोरहाबादी मैदान में महाधरना प्रदर्शन करेंगे. राज्य सरकार और केंद्र सरकार को आदिवासियों को सभी पहाड़ पर्वत में स्वामित्व व मालिकाना हक देना होगा. यह भी कहा कि 1 जनवरी को दुमका से राष्ट्रीय आदिवासी विद्रोह का बिगुल फूंक चुके हैं. इसे भी पढ़ें – JBVNL">https://lagatar.in/jbvnl-ranchi-area-board-targets-100-crore-revenue-collection-in-january/">JBVNLरांची एरिया बोर्ड ने जनवरी में 100 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया [wpse_comments_template]
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