Khunti-आरसी बालक मध्य विद्यालय, खूंटी के प्राचार्य फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए जानलेवा हमले को लेकर बुधवार को शहर में भारी आक्रोश देखने को मिला. घटना के विरोध में मसीही समुदाय और आदिवासी समाज के लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. आक्रोशित लोगों ने भगत सिंह चौक पर करीब छह घंटे तक सड़क जाम रखा. बाजार टांड़ के पास भी सड़क अवरुद्ध कर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से हमले में शामिल अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की.
सड़क जाम के कारण खूंटी-सिमडेगा, खूंटी-चाईबासा और खूंटी-तमाड़ मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. शहर की कई दुकानें भी विरोध के समर्थन में बंद रहीं. प्रदर्शन के दौरान महिलाएं भी सड़क पर बैठकर विरोध जताती रहीं. आंदोलनकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे.
डीसी-एसपी को बुलाने की मांग पर अड़े
जाम हटाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की. दोपहर करीब तीन बजे कल्याण पदाधिकारी प्रमोद राम और एएसपी क्रिस्टोफर केरकेट्टा मौके पर पहुंचे. उन्होंने लोगों को समझाकर सड़क जाम समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे. इसके बाद दोपहर 3:15 बजे एसडीएम भी जाम स्थल पर पहुंचे. उन्होंने भी आंदोलनकारियों से यातायात बहाल करने की अपील की. हालांकि, प्रदर्शनकारी जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे.
डीसी-एसपी ने दिया कार्रवाई का भरोसा
लगातार बढ़ते दबाव के बीच शाम 4:35 बजे उपायुक्त मो. जावेद हुसैन और पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग जाम स्थल पर पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने दोनों अधिकारियों को मांग पत्र सौंपकर फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए हमले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की. उपायुक्त ने बताया कि अस्पताल में भर्ती फादर की स्थिति स्थिर है. उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है और प्राप्त मांगपत्र के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
एसपी ऋषभ गर्ग ने लोगों से सड़क जाम समाप्त कर पुलिस को जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त समय देने की अपील की. उन्होंने कहा कि पुलिस को सड़क जाम हटाने में व्यस्त रखने से अपराधियों तक पहुंचने में देरी हो सकती है. पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है और इसके लिए सहयोग जरूरी है. डीसी और एसपी की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने शाम 5:30 बजे सड़क जाम समाप्त करने की घोषणा की. इसके बाद मार्गों पर यातायात सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू हुई. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले में जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
फादर की खोज-खबर में देरी पर उठ रहे सवाल
फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए जानलेवा हमले के बाद अब उनकी खोज-खबर लेने में कथित देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि फादर जिस परिसर में रहते थे, वहां वे रात में भोजन करने नहीं पहुंचे थे. इसके बाद सुबह नाश्ते के समय भी उनके नहीं आने की बात सामने आई. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि स्कूल परिसर में उनकी अनुपस्थिति पर समय रहते ध्यान क्यों नहीं दिया गया और उनकी तलाश तत्काल शुरू की गई थी या नहीं.
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि यदि फादर की अनुपस्थिति की जानकारी मिलते ही उनके सहकर्मियों के द्वारा तलाश शुरू कर दी जाती, तो संभवतः उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकती थी. हमले में गंभीर रूप से घायल फादर के शरीर से काफी खून बहने की बात भी सामने आई है.
सवाल ये भी उठ रहे हैं कि फादर के रात में भोजन और सुबह नाश्ते के लिए नहीं पहुंचने की जानकारी परिसर में रहने वाले लोगों को कब मिली, उनकी तलाश किस समय शुरू हुई और घायल अवस्था में मिलने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा. इन सवालों के जवाब सामने आने से घटना के बाद की परिस्थितियों और संभावित देरी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.