Lagatar Desk
झारखंड के खूंटी जिला मुख्यालय स्थित आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए कातिलाना हमले के विरोध में शुक्रवार को शहर में मसीही समुदाय के लोगों ने मौन जुलूस निकाला. जुलूस में ग्रामीण इलाकों से आए लोग भी शामिल हुए.
कचहरी मैदान से निकला यह मौन जुलूस मेन रोड होते हुए भगत सिंह चौक तक गया. वहां से जुलूस वापस लौटकर लोयोला इंटर कॉलेज के ग्राउंड में पहुंचा. कॉलेज परिसर में सभी ने मिलकर सामूहिक प्रार्थना करने के साथ फादर बेनेदिक्त बारला के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
हाथों में तख्तियां लेकर जताया विरोध
जुलूस में शामिल लोगों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर न्याय की मांग करते हुए कई नारे लिखे थे. तख्तियों पर मुख्य रूप से— "शांति, प्रेम और न्याय, यही है हमारी आवाज" और "हमारा मौन विरोध नहीं, न्याय की पुकार है" जैसे नारे दर्ज थे। मुख्य जुलूस के समापन के बाद, दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आए लोग अलग-अलग टुकड़ियों में बंटे और शहर की सड़कों पर मौन जुलूस निकालते नजर आए.
शुक्रवार को साप्ताहिक हाट होने और मौन जुलूस के कारण शहर की यातायात व्यवस्था कुछ देर के लिए प्रभावित रही. एहतियात के तौर पर प्रशासन ने कुछ गाड़ियों को शहर में प्रवेश करने से पहले ही अलग-अलग रास्तों पर रोक दिया था. विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के अधिकारी और जवान सभी प्रमुख जगहों पर तैनात रहे.
रांची के पल्स अस्पताल में चल रहा इलाज
गौरतलब है कि 20 अक्टूबर की रात स्कूल परिसर में बारला पर हुए इस जानलेवा हमले के बाद उन्हें गंभीर हालत में रांची के पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और मसीही समुदाय में गहरा रोष है और वे लगातार दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. 21 अक्टूबर को स्थानीय लोगों ने छह घंटे तक खूंटी-तमाड़, खूंटी-सिमडेगा और खूंटी-चाईबासा मार्ग को जाम कर दिया था. घटना की जांच के लिए खूंटी के एसपी ने एक एसआईटी गठित की है. पुलिस ने जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ भी की है. पुलिस जल्दी ही इस मामले में खुलासा कर सकती है.