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खूंटी: जनजातीय मंत्रालय का  मेगा हेल्थ कैंप, 55 हजार लोगों को मिली स्वास्थ्य सुविधा

Khunti: रविवार को केन्द्र सरकार के जनजातीय मंत्रालय ने खूंटी में मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया. मेगा हेल्थ कैंप में 55 हजार से ज्यादा लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया. इस मौके पर केन्द्रीय जनजातीय मामले के मंत्री अर्जुन मुंडा, राज्यपाल रमेश बैस, खूंटी विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, तोरपा विधायक कोचे मुंडा के अलावे लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा भी मौजूद थे.

स्वास्थ्य मेला से आमलोगों को फायदा-राज्यपाल

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि स्वास्थ्य मेला में डॉक्टर बेहतर परीक्षण और जांच करेंगे. निःशुल्क सेवा से लोग अपनी बीमारियों का ससमय उपचार करा सकेंगे. स्वास्थ्य मेला के आयोजन से मन की बहुत सारी शंकाएँ भी दूर हो जाती हैं. रमेश बैस ने कहा कि सिकल सेल जनजातीय समुदाय में प्रचलित एक गंभीर आनुवांशिक  रोग है. इस “स्वास्थ्य मेला” में  इसकी भी जांच कर, इसका आंकलन किये जाने की सूचना है. साथ ही, नेत्र विशेषज्ञों द्वारा आंखो की जांच की जायेगी. दृष्टि प्रभावित लोगों के बीच चश्मा का वितरण करना एक बहुत सराहनीय प्रयास है. साथ ही यहाँ आयुष्मान कार्ड का भी वितरण किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें-2015">https://lagatar.in/in-11-by-elections-held-since-2015-congress-jmm-made-a-record-of-winning-10-seats-bjp-won-only-1-seat/">2015

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देलाबू इसकुल तेबुआ (आओ स्कूल चलें) कार्यक्रम का शुभारंभ

कोविड काल के बाद स्कूल छोड़ चुके बच्चों के लिए खूंटी जिला प्रशासन ने नई पहल की है. इससे सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ने लगी है. मेगा स्वास्थ्य मेला में देलाबू स्कूल तेबुआ 2.0 अर्थात “स्कूल चलें हम” कार्यक्रम की शुरूआत राज्यपाल रमेश बैस ने किया.

आदिवासी को समझाने की नहीं , समझने की जरूरत-अर्जुन मुंडा

इस मौके पर जनजातीय मामलों के केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भगवान बिरसा मुंडा की धरती पर सबका अभिनंदन करते हुए सभी स्वास्थ्यकर्मियों, पारामेडिकल कर्मी और रक्तदाताओं के लिए जोरदार तालियां बजवायी. उन्होंने कहा कि कहा कि आदिवासियों को समझाने की नहीं है, बल्कि उन्हें समझने की जरूरत है. जनजातीय विकास जिस सूचकांक तक पहुँचा है वहां तक पहुंचने के लिए यह कार्यक्रम किया जा रहा है.  उन्होंने कहा कि आजादी के लंबे कालखंड में हमारे पूर्वजों के बलिदान ने एक इतिहास लिखा है. हमें उस इतिहास के साथ नया इतिहास बनाते हुए स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत है. केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य मेला का उद्देश्य है कि लोग स्वास्थ्य जांच ज्यादा से ज्यादा करायें. लोग मेला की तरह भीड़ में आएं और स्वास्थ्य जांच कर जब वापस जाय तो उसे दुगुनी खुशी प्राप्त हो. इसे भी पढ़ें-रामगढ">https://lagatar.in/ramgarh-congresss-satyagraha-continues-against-agneepath-plan/">रामगढ

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‘‘अबुआ बुगिन स्वास्थ्य” कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य मेला

महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली झारखण्ड के खूंटी जिले में ‘‘अबुआ बुगिन स्वस्थ्य‘‘ (हमारा बेहतर स्वस्थ्य) कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य मेला लगाया गया. एक दिन में लगभग 55 हजार से ज्यादा लोगों का इलाज किया गया. इसका आयोजन जनजातीय कार्य मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, आयुष मंत्रालय और झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया था. दिल्ली, मुंबई से आए सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने जनजातीय ग्रामीणों का इलाज किया. एक ही परिसर में मातृत्व शिशु स्वास्थ्य, हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो से संबंधित गंभीर रोगों का इलाज किया गया. सामाजिक आर्थिक रूप से पिछड़े खूंटी जिले में पहली बार आयोजित हो रहे इस वृहत कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दूर-दराज इलाकों से अपना इलाज कराने पहुँचे. कैम्प में गंभीर बीमारियों की जांच की भी व्यवस्था की गई. साथ ही ग्रामीणों के बीच 25 हजार चश्मा का भी वितरण किया जाएगा. साथ ही रक्त कैम्प लगाकर 112 यूनिट रक्त संग्रह किया गया. रक्तदान में बड़ी संख्या में सीआरपीएफ पुलिस बल के जवानों ने रक्तदान किया. साथ ही 50 मरीजों को प्लास्टिक सर्जरी के लिए चिन्हित कर इलाज भी किया गया. [wpse_comments_template]

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