- CCTV में कैद हुए नकाबपोश
Khunti News : शहर के भगत सिंह चौक स्थित व्यवसायी व संवेदक अमित साहू के पेट्रोल पंप पर अपराधियों ने बुधवार देर रात फायरिंग कर दशहत फैलाई है. बाइक सवार दो नकाबपोश अपराधी पेट्रोल पंप पहुंचे और एक राउंड फायरिंग की. इसके बाद PLFI के नाम से धमकी भरा पर्चा छोड़कर तोरपा रोड की ओर फरार हो गए. घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.
बताया जा रहा है कि वारदात रात करीब साढ़े नौ बजे हुई. पेट्रोल पंप में लगे CCTV कैमरों की फुटेज में बाइक से पहुंचे दोनों अपराधी फायरिंग करते नजर आ रहे हैं. दोनों ने गमछे से अपना चेहरा ढक रखा था.
फायरिंग के वक्त पेट्रोल पंप संचालक अमित साहू मौके पर मौजूद नहीं थे. गोली चलने की आवाज के बाद पंप कर्मियों और वहां मौजूद ग्राहकों में अफरा-तफरी मच गई. अपराधियों के फरार होने के बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई.

घटनास्थल से पीएलएफआई के नाम पर पर्चा बरामद
मौके से खोखा और धमकी भरा पर्चा बरामद
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ मंगल सिंह जमुदा और सदर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह पुलिस बल के साथ पेट्रोल पंप पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और मौके से गोली का एक खोखा और PLFI के नाम से छोड़ा गया पर्चा बरामद किया.
दो दिन में 10 लाख रुपये देने का फरमान
पर्चे में PLFI के जोनल कमांडर राजेश यादव का नाम लिखा है. इसमें अमित साहू से दो दिनों के भीतर संगठन को 10 लाख रुपये सहयोग राशि के रूप में देने की मांग की गई है. रकम नहीं देने पर जान से मारने की भी धमकी दी गई है.
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है. अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके में नाकेबंदी कर तलाश की जा रही है.
अमित साहू के अनुसार, इससे पहले मार्च-अप्रैल के दौरान भी उन्हें PLFI के नाम पर दो-तीन बार धमकी मिल चुकी है. उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले परवल स्थित उनके आवास पर भी हमला किया गया था. बुधवार रात पेट्रोल पंप पर हुई फायरिंग और लेवी की मांग की जानकारी उन्होंने पुलिस को दे दी है.
PLFI के नाम के पीछे स्थानीय गिरोह की आशंका
सदर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि खूंटी में PLFI का प्रभाव अब काफी कम हो चुका है और संगठन के अधिकांश प्रमुख उग्रवादी जेल में हैं. ऐसे में पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं किसी स्थानीय आपराधिक गिरोह ने वसूली और दहशत फैलाने के लिए PLFI के नाम का इस्तेमाल तो नहीं किया.