Khunti : खूंटी पुलिस द्वारा पीएलएफआई के सक्रिय सदस्य के रूप में गिरफ्तार किए गए राजेश महतो उर्फ राजेश यादव उर्फ मोहन कुमार को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. पुलिस ने आरोपी को हथियार और उग्रवादी सामग्री के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया है, जबकि पीएलएफआई ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि गिरफ्तार व्यक्ति का संगठन से कोई संबंध नहीं है.
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने 13 मई को जानकारी दी थी कि कर्रा थाना कांड संख्या 33/26 के आरोपी और पीएलएफआई के सक्रिय सदस्य राजेश महतो को खूंटी-तिरला मार्ग स्थित निर्माणाधीन बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार आरोपी लेवी वसूली, धमकी, आगजनी और फायरिंग जैसी घटनाओं में शामिल रहा है. उसकी निशानदेही पर देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और उग्रवादी पर्चे बरामद किए गए.
गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद पीएलएफआई की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर पुलिस के दावे को गलत बताया गया. खुद को संगठन का जोनल कमांडर बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि गिरफ्तार युवक का पीएलएफआई से कोई संबंध नहीं है और संगठन का कोई सदस्य गिरफ्तार नहीं हुआ है.
मामले पर एसपी ऋषभ गर्ग ने कहा कि उग्रवादी संगठन से जुड़े लोग अक्सर अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करते हैं. गिरफ्तार व्यक्ति ने खुद अपना नाम राजेश महतो उर्फ राजेश यादव उर्फ मोहन कुमार बताया है. पुलिस प्रेस रिलीज जारी करने वाले की पहचान और पूरे मामले की जांच कर रही है.
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