गैंग के बीच वर्चस्व की लड़ाई में हुई देवघर कोर्ट के अपराधी अमित सिंह की हत्या)
गुप्त सूचना के आधार पर की गयी थी छापेमारी
मालूम हो कि खूंटी एसपी अमन कुमार को गुप्त सुचना मिली थी कि तोरपा थाना क्षेत्र के दिंयाकेल और सरना टोली के बीच एक निर्माणाधीन भवन के पास कुछ संदिग्ध लोगों को हथियार के साथ घुमते हुए देखा गया है. जिसके बाद एसपी रमेश कुमार और तोरपा एसडीपीओ ओमप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया और उक्त स्थान पर छापेमारी की गयी. पुलिस को देखते ही तीव युवक बाइक से भागने लगे. जिसे पुलिस के जवानों ने घेरकर पकड़ लिया. इसे भी पढ़े : अंतरराष्ट्रीय">https://lagatar.in/international-yoga-day-yoga-started-from-india-today-177-countries-adopted-it/">अंतरराष्ट्रीययोग दिवस : भारत से शुरू हुआ योग, आज 177 देशों ने इसे अपनाया
संगठन के लिये सूचनातंत्र और लेवी वसूली का करते हैं काम
पुलिस ने गिरफ्तार तीनों उग्रवादियों से पूछताछ की. पूछताछ में तीनों ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में मारे गये मंगरा लुगुन ने इन लोगों को दस्ता में शामिल करते हुए हथियार मुहैया कराया था. तीनों ही संगठन के लिये सूचनातंत्र और लेवी वसूली का काम करते हैं. बता दें कि इससे पहले खूंटी पुलिस ने दो भाकपा माओवादी और दो पीएलएफआई उग्रवादी सहित 4 उग्रवादी को गिरफ्तार करने में सफलता पायी थी. वहीं 20 जून को भी पीएलएफआई उग्रवादी अमरू पूर्ति को गिरफ्तार किया था. खूंटी एसपी अमन कुमार को गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलता हासिल की थी. इसे भी पढ़े : मांडर">https://lagatar.in/mandar-assembly-by-election-four-thousand-jawans-will-take-command-security-system/">मांडरविधानसभा उपचुनाव: चार हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था की कमान [wpse_comments_template]

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