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मोदी सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की कवायद में, किरेन रिजिजू ने दिये संकेत, समय नहीं बताया

 
NewDelhi : केंद्र की मोदी सरकार जल्द ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करेगी. इसकी तैयारी चल रही है. केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने यह संकेत शनिवार को दिये. रिजिजू ने अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए कहा कि संविधान में साफ कहा गया है कि सरकार को यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में काम करना चाहिए. इसी क्रम में कहा कि हमारी सरकार(मोदी) इस संबंध मे जरूरी हर कदम उठाएगी.   नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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मोदी के नाम पर भरोसा कर पूर्ण बहुमत दिया है

किरेन रिजिजू ने कहा कि करोड़ों लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर भरोसा कर पूर्ण बहुमत दिया है. इसलिए जो भी देश के लिए सही होगा, वो हम करेंगे. UCC लागू करने की तिथि को लेकर रिजिजू का कहना था कि अभी वे इसकी घोषणा नहीं कर सकते, लेकिन सभी को हमारी सरकार की मंशा के बारे में पता है. देश के लोग क्या चाहते हैं, सही समय पर किया जायेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर एक सहमति की बनाये जाने की जरूरत है.

समलैंगिक विवाह को लेकर किरेन रिजिजू विचार रखे

समलैंगिक विवाह को लेकर भी किरेन रिजिजू विचार रखे. बता दें कि वर्तमान में इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर कर इस पर आपत्ति दर्ज की है. किरेन रिजिजू ने कहा कि हमें लोगों के समलैंगिक रिश्ते में होने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन जब बात विवाह की आती है तो सिर्फ कुछ लोग इसका फैसला नहीं कर सकते. कहा कि एक नागरिक को अपना जीवन जीने की आजादी संविधान ने दी है. दो लोग आपस में कैसे रहते हैं, इस पर हमारी कोई आपत्ति नहीं है.

प्राचीन देश भारत की अपनी एक परंपरा है

सेम सेक्स के लिव इन रिलेशनशिप में रहने को गैर अपराध की श्रेणी में डाल दिया गया है. अब आप जैसे भी रहना चाहते हैं, रह सकते हैं. हमारी आपत्ति नहीं है. अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब शादी की बात आती है, तो यह एक संस्था है. प्राचीन देश भारत की अपनी एक परंपरा है. उसकी मान्यता है. कई धर्मों का मिलन है. अगर उस सिस्टम में कुछ लोग बैठकर निर्णय करें तो यह संभव नहीं सकता. रिजिजू के अनुसार किसी भी परंपरा में बदलाव पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए. चर्चा की जानी चाहिए कि ऐसे मुद्दों पर फैसला कुछ लोग करें या संसद में चुने हुए प्रतिनिधि करें. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम पर पूछे जाने पर कहा कि यह एक माइंड गेम है. इस पर वे कुछ कहना नहीं चाहते. [wpse_comments_template
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