alt="" width="600" height="738" /> जलमीनार की क्षतिग्रस्त टंकी का निरीक्षण करती पार्षद देवकी कुमारी.[/caption] [caption id="attachment_354580" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> सारंडा के धुबिल गांव में खराब पड़ी चापाकल.[/caption] इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-blood-donation-camp-of-seva-paramount-committee-on-july-17/">चांडिल
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सांसद व डीडीसी के अलावा कई अधिकारियों को कराया गया समस्या से अवगत
उन्होंने कहा कि गर्मी में ग्रामीण नदी-नालों में चुआं बनाकर कुछ साफ पानी भी ले पाते थे. लेकिन अब बरसात में उक्त सभी नदी-नालों का पानी लाल व प्रदूषित हो गया है, जहां चुआं भी नहीं बना सकते. जिस वजह से वह दूषित पानी पीकर बीमार होने को मजबूर हैं. उन्होंने बताया कि पश्चिम सिंहभूम के तमाम जिला परिषद के सदस्यों ने पिछले दिनों सांसद गीता कोड़ा व डीडीसी के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ इस समस्या के समाधान हेतु बैठक की थी. इसके अलावा पीएचडी विभाग से निरंतर शिकायत भी की जा रही है. लेकिन विभाग के उच्च अधिकारी चापाकल ठीक करने वाले मिस्त्री, पाइप अथवा तमाम संसाधन विभाग के पास नहीं होने की बात कह हाथ खड़ा कर दे रहे हैं. इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-the-headmaster-of-kurli-upgraded-middle-school-is-accused-of-running-the-school-arbitrarily/">चांडिल: कुरली उत्क्रमित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर मनमाने ढंग से स्कूल चलाने का आरोप
शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में जिला प्रशासन फेल
जिप सदस्य ने कहा कि जब विभाग के निचले अधिकारी को पाइप, समान, मिस्त्री व संसाधन ही नहीं मिलेगा तो वह इस समस्या को कैसे दूर करेंगे. विभाग ने पूर्व में भी अपना व्हाट्सऐप नंबर जारी किया था की इस नंबर पर खराब चापाकल की शिकायत करने पर तत्काल शिकायत को दूर किया जायेगा. लेकिन सब झूठा साबित हो रहा है. जिला प्रशासन का पहला दायित्व है कि वह सबसे जरूरी शुद्ध पेयजल की सुविधा ग्रामीणों को उपलब्ध कराये, लेकिन उसमें भी वह फेल हो रही है. ऐसे में सरकार अथवा विभाग के साथ-साथ हम जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की इन समस्याओं को कैसे दूर करेंगे. इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-education-in-santali-language-is-being-given-to-children-in-chowka-panchayat-bhawan/">चांडिल: चौका पंचायत भवन में बच्चों को दी जा रही है संताली भाषा में शिक्षा
विभाग के पास नहीं है एक ईंच भी नई पाइप
विदित हो कि बीते दिनों पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, चाईबासा के एसडीओ प्रभु दयाल मंडल ने भी कहा था कि विभाग के पास वर्तमान समय में एक ईंच भी नई पाइप उपलब्ध नहीं है. ऐसी स्थिति में जिले के विभिन्न पंचायतों के अंतर्गत आने वाले गांवों के खराब चापाकल को फिलहाल ठीक कर पाना संभव नहीं है. उन्होंने कहा था कि चापाकल जहां खराब है, उसकी सूची अथवा शिकायत भेजिए हम ठीक करने की कोशिश करेंगे. हालांकि, यह जरूरी नहीं कि वह ठीक हो ही जाए. अगर चापाकल का पाइप सड़ा होगा तो हम ट्यूब बांध कर ठीक करने की कोशिश करेंगे. अगर इससे भी ठीक नहीं हुआ तो हम कुछ नहीं कर सकते हैं. क्योंकि, हमारे पास एक ईंच भी नई पाइप नहीं है. इसे भी पढ़े : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-meeting-of-bjp-rit-mandal-working-committee/">आदित्यपुर: भाजपा आरआईटी मंडल कार्यसमिति की हुई बैठक
14-15वें वित्त आयोग से बने जलमीनार को नहीं कर सकते ठीक
उन्होंने कहा था कि सरकार जब नया पाइप का टेंडर करेगी और हमारे पास नया पाइप आयेगा तब हम पाइप बदलेंगे. साथ ही जो चापाकल बनाने के लिये खोले जायेंगे और वह डेड पाया गया अर्थात बोरिंग भरा होगा तो उसे भी हम रिपेयर नहीं कर पायेंगे. उसे स्पेशल रिपेयर की सूची में डाला जाएगा, जिसे बनाने का टारगेट जून-जुलाई में आयेगा. इसके बाद ही टेंडर कर रिपेयर करेंगे. लेकिन जिस चापाकल में सिलेंडर, चैन, नट जैसी छोटी-मोटी खराबी है, उसे ही ठीक किया जा सकता है. उन्होंने बताया था कि मुखिया द्वारा भी अपने-अपने पंचायतों में जितने भी सोलर चालित जलमीनार लगाये गए हैं, वह सब खराब है. उसे ठीक करने के लिये काफी शिकायतें हमारे पास आ रहीं है. लेकिन हम यही कह रहे हैं कि वह 14-15वें वित्त आयोग से बना है, जिसे हम ठीक नहीं कर सकते हैं. इसका जबाब उपायुक्त व डीपीआरओ ही दे सकते हैं कि यह किस एजेंसी से और कैसे बना, क्या खराबी है और कैसे ठीक होगा. इसे भी पढ़े : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-expansion-tribal-ho-samaj-yuva-mahasabha-district-committee/">सरायकेला: आदिवासी हो समाज युवा महासभा जिला कमेटी का विस्तार [wpse_comments_template]

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